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20 अक्तूबर, 2020|2:50|IST

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चंपारण सत्याग्रह से बढ़ा गांधी का आत्मविश्वास: मृदुला सिन्हा

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गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा है कि चंपारण सत्याग्रह से महात्मा गांधी का आत्मविश्वास बढ़ा था। उन्होंने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर गुरुवार को बिहार स्वाभिमान आंदोलन की ओर से फेसबुक पर आयोजित वर्चुअल परिचर्चा में कहा कि बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। बिहार के चंपारण आकर महात्मा गांधी ने नील आंदोलन को सत्याग्रह के सफल प्रयोग से जीता। उनके आने से बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन को कुशल नेतृत्व व दिशा मिली। गांधी को भी बिहार को करीब से समझने का मौका मिला। गांधी ने बिहार की एक महिला को फटी साड़ी पहनी देख आजीवन सिर्फ एक धोती पहनने का संकल्प लिया।

मृदुला सिन्हा ने कहा कि जब वे स्वच्छता के नवरत्न के रूप में काम कर रही थीं तो उन्होंने ‘गांधी को जानो और मानो कार्यक्रम शुरू किया। वर्चुअल परिचर्चा में कवयित्री एवं आकाशवाणी समाचार प्रभाग से जुड़ी पत्रकार अलका सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि चंपारण सत्याग्रह को सफल बनाकर बिहार ने ही गांधी को महात्मा बनाया। स्वतंत्रता सेनानी राज कुमार शुक्ल ने उन्हें चंपारण बुलाया। फिर राष्ट्रीय फलक पर गांधी का यश बढ़ता चला गया। कार्यक्रम का संचालन किसान नेता नीरज नयन ने किया।

बिहार स्वाभिमान आंदोलन के संयोजक रंगीश ठाकुर ने कहा कि मार्च 2020 से अबतक बिहार स्वाभिमान आंदोलन की ओर से समसामयिक मुद्दों, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, विधानसभा चुनाव के मुद्दों, बिहार के गौरवशाली इतिहास, जागरूकता व स्वरोजगार जैसे विषयों पर 122 वर्चुअल परिचर्चा का आयोजन किया जा चुका है। इन विषयों पर देश के वैज्ञानिक, चिंतक, पत्रकार, सफल उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता,कुलपति व शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे हैं।

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  • Web Title:Gandhi 39 s confidence boosted by Champaran Satyagraha Mridula Sinha