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मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चिटफंड कंपनी का ऑफिस आज सील होगा

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चिटफंड कंपनी का ऑफिस आज सील होगा

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाली चिटफंड कंपनी का कार्यालय सील किया जाएगा। पुलिस ने चार नेपाली एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों से जानकारी मिलने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई की जा रही है। ऑफिस के मालिक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है।

Tue, 25 Nov 2025 01:11 AMNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, हिप्र। नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपाल, दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी व अन्य जगहों के युवकों से ठगी करने वाली चिटफंड कंपनी के कोल्हुआ पैगंबरपुर में स्थित कार्यालय को मंगलवार को सील किया जाएगा। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होगी। एसडीपीओ नगर-दो विनीता सिन्हा ने बताया कि फर्जी कंपनी के कार्यालय को सील करने के लिए मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति हो गई है। ऑफिस के मकान मालिक की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है। मामले के आईओ ने पीड़ितों से पूछताछ की और उसका बयान रिकार्ड किया। ठगी के शिकार नेपाली युवक रंजीत कापड़ के द्वारा अहियापुर थाने में केस दर्ज कराने के बाद पुलिस ने चार नेपाली एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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इनमें इसमें नेपाल के काबे जिला के दहन बहादुर मल्ला गांव के सुजन दुनगाना, दैलेख जिला के नारायण नगर पालिका टू के हेमराज मल्ला, तल्हू जिला के रामपुर गांव के यशराज तमांड व चद्रवती पोखरी थाना के भानुनगर गांव के भरत अधिकारी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर जारी किया गया था नौकरी का विज्ञापन : ठगी के शिकार युवकों ने आईओ को बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से कंपनी की ओर से जारी विज्ञापन से नौकरी का पता चला था। दिए मोबाइल पर संपर्क करने पर कंपनी के ऑफिस में बुलाया गया। यहां रजिस्ट्रेशन के लिए 12-12 हजार रुपया लिए गए। उसके बाद कागजात बनाने के नाम पर 25-25 हजार रुपया लिए गए। ज्वाइनिंग से पहले 25-25 हजार रुपया जमा कराया गया। उन्हें गार्ड, ड्राइवर, पैकिंग ब्वाय व अन्य कार्यों की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद नौकरी मांगने पर कंपनी के अधिकारी भड़क गए और उन लोगों को भगाना शुरू किया गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि ऑफिस व ट्रेनिंग सेंटर के मकान मालिक की भी इस ठगी में संलिप्तता थी। वह भी कभी-कभी पूरे मामले की डीलिंग करता था।