प्रसाद हॉस्पिटल के सभी विभागों के एक-एक बेड की सूची तलब

हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
Follow us on Google News
share

मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में आग लगने से कई मौतें हुई थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी विभागों की बेड सूची तलब की है। अस्पताल में आग लगने के कारणों की जांच हो रही है, और कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है।

प्रसाद हॉस्पिटल के सभी विभागों के एक-एक बेड की सूची तलब

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। आईसीयू में आग लगने की घटना के बाद प्रसाद हॉस्पिटल के सभी विभागों में बेडों की सूची स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने तलब किया है। इसे अलावा जिला प्रशासन को भी इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। विभाग ने जिले से पूछा है कि आईसीयू के अलावा अस्पताल में और कितने विभाग चलते थे। उन विभागों में कितने बेड का रजिस्ट्रेशन था और कितने बेड चल रहे थे। ऑर्थो, मेडिसिन, सर्जरी सहित जो भी विभाग प्रसाद हॉस्पिटल में चल रहे थे, उन सभी की रिपोर्ट तलब की गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मांगी गई सभी जानकारी विभाग मुख्यालय और जिला प्रशासन को भेज दी गई है。

प्रसाद हॉस्पिटल में आग की घटना

प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में 4 जून को आग लग जाने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल के फायर ऑडिट सहित कई बिंदुओं पर जांच शुरू हुई थी। जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक ने इसकी पूरी जांच निर्देश दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिला स्वास्थ्य विभाग ने पूरी जानकारी मांगी थी। इसके बाद प्रसाद हॉस्पिटल की फाइल निकालकर ब्योरा विभाग और जिला प्रशासन को भेजा गया था।

बेड रजिस्ट्रेशन की रिपोर्ट

सबसे पहले आईसीयू के रजिस्ट्रेशन की रिपोर्ट मांगी गई थी। उसके बाद अस्पताल में चलने वाले सभी विभागों का ब्योरा तलब किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेज में प्रसाद हॉस्पिटल में 15 बेड की आईसीयू और पूरा अस्पताल 125 बेड का निबंधित है। अगलगी की घटना के वक्त कितने बेड पर मरीज थे, इसकी भी जांच की जा रही है। इसके अलावा आईसीयू और सीसीयू के एक ही फ्लोर पर रहने की भी जांच की जा रही है।

निजी अस्पतालों में सेटिंग

जितनी मजबूत सेटिंग, उतनी निरीक्षण से छूट :

निजी अस्पतालों का काफी मजबूत रैकेट जिला स्वास्थ्य विभाग में भी चलता है। सूत्रों के मुताबिक जिस निजी अस्पताल की जितनी मजबूत सेटिंग रहती है, उसे विभागीय निरीक्षण से उतनी ही छूट मिलती है। निरीक्षण से छूट के लिए निजी नर्सिंग होम संचालक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सारी मनोकामना पूरी करने को तैयार रहते हैं। अगर किसी अस्पताल की शिकायत भी आई तो सेटिंग के प्रभाव से मामला नोटिस और रिमांडर से होते हुए ठंडे बस्ते में चला जाता है।

अग्नि सुरक्षा पर कार्रवाई

फायर मॉक ड्रिल नहीं कराने पर भी कार्रवाई नहीं:

कई अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद भी 4 से 10 मई तक अग्नि सुरक्षा का मॉक ड्रिल नहीं किया। फिर भी विभाग की तरफ से कोई सख्ती की गई। ऐसे अस्पतालों से सिर्फ मॉक ड्रिल नहीं कराने पर कारण पूछकर रस्म अदायगी कर ली गई। स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल में ही पत्र जारी कर सभी अस्पतालों 4 से 10 मई तक फायर मॉक ड्रिल कराने का निर्देश दिया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रसाद हॉस्पिटल में आग किस तारीख को लगी थी?
प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में आग 4 जून को लगी थी।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna, Muzaffarpur, Bhagalpur और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi NewsBihar NewsMuzaffarpur Newsप्रसाद हॉस्पिटल के सभी विभागों के एक-एक बेड की सूची तलब