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19 जनवरी, 2020|10:45|IST

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विभागों में समन्वय बना खत्म करें बालश्रम

विभागों में समन्वय बना खत्म करें बालश्रम

बाल श्रम प्रथा के विरुद्ध व्यापक सामाजिक गोलबंदी जरूरी है। बच्चों के विकास में सबसे बड़ा अवरोध बाल श्रम जैसी कुरीति है। इसके विरुद्ध हमें सामाजिक चेतना विकसित करनी होगी। सभी विभागों के परस्पर समन्वय से बाल श्रम प्रथा का उन्मूलन करना होगा। ये बातें डीएम आलोक रंजन घोष ने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 एवं बाल श्रम उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध से संबंधित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक में कही।

शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने कहा कि सभी विभाग व पक्षकार मिलकर कार्य करें ताकि सामाजिक गोलबंदी के लिये जरूरी वातावरण बने। उन्होंने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि बाल श्रम के विरुद्ध जनचेतना पैदा करने के लिए सघन जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। छोटे कस्बों, वार्डो में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें। बैठक में निरंतर बढ़ रही बाल श्रम की समस्या पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द जिले को बाल श्रम से मुक्त कराने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि जिला को बाल श्रम से मुक्त कराने की दिशा में सख्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी अभियान चलाकर अधिक से अधिक बाल श्रमिकों को मुक्त करा उन्हें शिक्षा एवं सुविधाओं से शीघ्र लाभान्वित करे। साथ ही जिला बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन आदि को सशक्त बनाने का निर्देश दिया। श्रम अधीक्षक ने कहा कि विभाग द्वारा गठित धावा दल द्वारा मुक्त कराए गए बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में मेयर मुजफ्फरपुर सुरेश कुमार, नगर आयुक्त मनेष कुमार मीणा, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी कुंदन कुमार, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी कमल सिंह के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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  • Web Title:Finish child labor by coordinating departments