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रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यवसायियों से वसूला जाएगा जुर्माना

जीएसटी के तहत रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यवसायियों से जुर्माना वसूलने की तैयारी चल रही है। इन व्यवसायियों की सूची तैयार की जा रही है। वाणिज्य कर विभाग अंचलवार सूची तैयार कर रहा है। सूची तैयार होते ही विभाग बकायेदारों से संपर्क करेगा।

जीएसटी के अलावा पूर्व में लागू वैट के तहत बकाया रिटर्न दाखिल कराए जाने के लिए भी सूची तैयार की जा रही है। मार्च 2018 तक नियमित रूप से सभी माह का रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यवसायियों से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। इसमें 25 रुपये केंद्रीय जीएसटी व 25 रुपये राज्य जीएसटी के अधीन वसूला जाएगा। विभाग की ओर से हुई जांच-पड़ताल में सामने आया है कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के कुछ माह तक व्यवसायी नियमित रूप से 20 तारीख को रिटर्न दाखिल करते थे। पर, बाद में बड़ी संख्या में व्यवसायियों ने रिटर्न दाखिल करना बंद कर दिया। इससे सरकार तक राजस्व नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग के एक अंचल में जीएसटी के तहत करीब 700 व्यवसायियों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया है जबकि एक अंचल में वैट से भी करीब आठ व्यवसायियों ने रिटर्न को लंबित रखा है।

टैक्स के दायरे में नहीं होने वाले व्यवायी जीएसटी से हो सकते हैं बाहर

टैक्स के दायरे में नहीं आने वाले व्यवसायी जीएसटी से बाहर आ सकते हैं। इसके लिए व्यवसायियों को जीएसटी पोर्टल की मदद से रजिस्ट्रेशन रद्द कराना होगा। टैक्स के दायरे से बाहर आने वाले व्यवसायियों से भी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना वसूला जाएगा। वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त ज्योतिंद्र कुमार ने बताया कि ऐसे व्यवसायी जीएसटी निबंधन को रद्द करा सकते हैं। इसके अलावा शून्य रिटर्न दिखाकर कर विवरण दाखिल कर सकते हैं।

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  • Web Title:Fines to be recovered from traders who do not file returns