
आधार एवं जमाबंदी में नाम की त्रुटि किसान निबंधन की राह में बड़ी बाधा
मुजफ्फरपुर जिले में किसानों के निबंधन के विशेष अभियान में अब तक 1,39,062 किसानों का निबंधन हुआ है। इनमें से केवल 89,000 किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए पहले से निबंधित हैं। कई किसानों का आवेदन आधार और जमाबंदी में त्रुटियों के कारण फंस गया है। अभियान का समापन बुधवार को होगा।
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता/हिटी। जिले में किसानों के निबंधन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक कुल 1 लाख 39 हजार 62 किसानों का निबंधन हो पाया है। इनमें से केवल 89 हजार किसान ही ऐसे हैं, जो पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए निबंधित है। यह हालत तब है, जबकि सरकार ने इस महीने की शुरुआत से ही किसानों के ईकेवाईसी और निबंधन कराने के लिए विशेष अभियान चला रखा है। इस विशेष अभियान का समापन बुधवार को हो जाएगा। ऐसे में शेष किसानों को इस बार मिलने वाले पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित होने की आशंका प्रबल हो गई है।
इसको लेकर कृषि विभाग के अधिकारी और अभियान के नोडल पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि मंगलवार की शाम पांच बजे तक प्रखंडों से मिली रिपोर्ट के अनुसार कुल 10,39,062 किसानों का निबंधन पूरा हो चुका है। यह संख्या और अधिक हो सकती थी। यदि किसानों के आधार कार्ड और जमाबंदी में दर्ज नामों में किसी भी तरह की त्रुटि नहीं होती। करीब 50 हजार से अधिक किसानों का आवेदन इसी त्रुटि के कारण फंस गया। छोटी-छोटी गलतियों के कारण आवेदन निरस्त होने से केवल किसान ही नहीं, बल्कि त्रुटि के कारणों को समझने में अधिकारियों और कर्मियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि ऐसे किसानों को निराश नहीं होने की बात कही और बताया कि ई केवाईसी और निबंधन का काम अभियान के बाद भी चलता रहेगा। इस बीच किसानों की सुविधा के लिए कुछ प्रयास किए गए हैं। अब किसान खुद से और सीएससी के माध्यम से भी इस प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं। मुशहरी में केवल 26 फीसदी ही हो सका निबंधन मुशहरी, हिसं। मुशहरी प्रखंड में अब तक महज 26 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा हो पाया है। पंजीकरण कार्य में जुटे कर्मियों ने बताया कि निबंधन में जमाबंदी का किसानों के नाम न होना या रकवा शून्य होना, नाम और पिता के नाम में स्पेलिंग की छोटी-छोटी गलतियों से पोर्टल उसे स्वीकार नहीं कर रहा है। किसानों ने भी कहा कि केवाईसी तो आसानी से हो जा रहा है। पर निबंधन के दौरान आधार और जमाबंदी विवरण में अंतर से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला और बीएओ रौशनी सिंह ने बताया कि अब तक 26 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण हो चुका है। शेष किसानों के पंजीकरण के लिए प्रक्रिया जारी है। जमाबंदी त्रुटियों से मड़वन में फार्मर रजिस्ट्रेशन बाधित मड़वन, एक संवाददाता। मड़वन प्रखंड में भी जमाबंदी से जुड़ी त्रुटियां ही किसान निबंधन की धीमी गति का प्रमख कारण है। जमाबंदी में दादा-परदादा के नाम, नाम की वर्तनी और स्वामित्व संबंधी गड़बड़ियों के चलते बड़ी संख्या में किसान निबंधन से वंचित हो रहे हैं। इस कारण अब तक मात्र 29 प्रतिशत किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्रेशन हो सका है। किसानों का कहना है कि कई मामलों में जमाबंदी स्वयं के नाम से नहीं है, जबकि उनके पास रसीद उपलब्ध है। इसके बावजूद खेसरा शून्य (0) दिखने के कारण रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं किया जा रहा है। वहीं, कुछ किसानों के दस्तावेज पूरी तरह सही होने के बावजूद परिमार्जन का मामला कर्मचारी लॉगिन में बड़े पैमाने पर पेंडिंग बताया जा रहा है। कांटी में एक चौथाई किसानों का हो पाया निबंधन कांटी। प्रखंड में फॉर्मर रजिस्ट्रेशन की रफ्तार सुस्त चल रही है। मंगलवार तक महज 26 प्रतिशत किसानों का ही रजिस्ट्रेशन कार्य पोर्टल के माध्यम से हो सका है। इसके पीछे कागजात से संबंधित दिक्कत मुख्य कारण बताया गया है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवनाथ झा ने बताया कि काफी किसानों के नाम से जमाबंदी नहीं रहने के कारण किसानों को दिक्कत हो रही है। इसके लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। सरैया में किसान पंजीकरण की रफ्तार सुस्त सरैया, हिसं। प्रखंड में किसान पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। अब तक 25 प्रतिशत किसानों का भी पंजीकरण पूरा नहीं हो सका है। किसानों के अनुसार सबसे बड़ी समस्या जमाबंदी को लेकर सामने आ रही है। करीब 60 फीसदी से अधिक किसानों की जमाबंदी अभी भी पूर्वजों के नाम पर है। इससे पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। साथ ही जमाबंदी में मामूली स्पेलिंग त्रुटि रहने पर उसे सिस्टम स्वीकार नहीं कर रहा है। सीओ अंकित कुमार ने बताया कि अब तक लगभग 23 प्रतिशत किसानों का निबंधन अभियान के दौरान जा चुका है। किसान रजिस्ट्रेशन में बाधा बना जमाबंदी और नाम त्रुटि पारू, हिसं। प्रखंड में पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 35,368 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से महज 20.38 फीसदी का ही निबंधन हो पाया है। किसान रंजीत कुमार सिंह, प्रिंस कुमार, अंजली राय ने बताया कि अभी पूर्वजों के नाम पर जमाबंदी होने के कारण निबंधन नहीं हो पाया है। ऐसे में अगले महीने मिलने वाली राशि से वे वंचित हो सकते हैं। इसके अलावा आगे भी उनको अन्य योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाई का सामना करना होगा। इसके लिए सरकार को कैंप लगाकर जमाबंदी में सुधार का प्रयास करना चाहिए।

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