इरान के कुम में फंसे तीन परिवार, घर से निकलने पर भी पाबंदी
मुजफ्फरपुर के आधा दर्जन लोग ईरान और कतर में फंसे हुए हैं। उनके परिवारों को उनकी सलामती की चिंता है। ईरान में बमबारी और मिसाइल हमलों के चलते लोग घरों में दुबके हुए हैं। संपर्क करना मुश्किल हो गया है। दोहा में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। युद्ध छिड़ने से ईरान, कतर और दोहा में फंसे मुजफ्फरपुर जिले के आधा दर्जन लोगों के परिवार के लोग यहां चिंता में डूबे हैं। तमाम कोशिश के बावजूद खैरियत जानने में कठिनाई आ रही है। ईरान के कुम में कोल्हुआ पैगंबरपुर के सैयद रूहुल्लाह काजमी व उनके चचेरे भाई सैयद वकार काजमी अपने परिवार संग हैं। उन्होंने बताया कि ईरान का आसमान लगातार गरज रहा है। बमबारी और मिसाइल हमले की आवाजें गूंज रही हैं। लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सख्त हिदायत दी गई है। सैयद रूहुल्लाह और सैयद वकार कुम स्थित अल मुस्तफा विवि में पीएचडी कर रहे हैं।
दोनों इस्लामिक रिसर्च स्कॉलर हैं। उनकी पत्नी व बच्चे भी साथ में हैं। पटना में रह रहे इनके भाई सैयद मुबारक अली ने बताया कि दोपहर में ईरान पर हमले के बाद उनसे बात हुई थी। उनलोगों ने बताया था कि बच्चों का स्कूल बंद हो गया है। विवि में भी छुट्टी और आपातकाल घोषित कर दिया गया है। लगातार हमले के कारण सब घरों में दुबके हैं। फिलहाल ईरान से बाहर निकलना मुश्किल है। इधर, मोहम्मदपुर मोबारक गांव के फैज अली रिजवी अपने परिवार के साथ कुम में हैं। उनके भाई मोहम्मद मार्शल ने बताया कि उनकी बात भाई से नहीं हो पा रही है। दो दिन पहले बात हुई थी तो उन्होंने बताया था कि सब खैरियत है। दोहा में फंसे चमड़ा गोदाम गली के इंजीनियर जफर पक्की सराय रोड के चमड़ा गोदाम गली निवासी मो. जफर हुसैन दोहा में हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले के बाद दो दिन की सरकारी छुट्टी दे दी गई है। किसी को भी अपने ठिकाने से 50 किमी. से ज्यादा दूर का सफर नहीं करने की हिदायत जारी की गई है। मो. जफर दोहा में एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं। उनके भाई वार्ड पार्षद मो. इकबाल ने बताया कि भाई से बात हो रही है। हमने जफर से कहा है कि हालात बिगड़ते हैं तो देश लौट आओ। सायरन बजा और एक के बाद एक तीन धमाके हुए रुन्नीसैदपुर के मो. खलील कतर में हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका बेस पर हमले के दौरान तेज सायरन बजा। इसके बाद तीन धमाके हुए। डर का माहौल है। दफ्तरों में दो दिन की छुट्टी दे दी गई है। मौलाना काजिम शबीब ने बताया कि उनके जानने वाले छह परिवार ईरान के अलग-अलग शहरों में हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रही है।
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