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उपलब्ध कराए जा रहे जरूरी संसाधन

उपलब्ध कराए जा रहे जरूरी संसाधन

चमकी बुखार से बच्चों की हो रही मौत और बीमारों के इलाज की स्थिति का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधानसचिव संजय कुमार शनिवार सुबह एसकेएमसीएच पहुंचे। उन्होंने पीआईसीयू में भ्रमण कर इलाज कर रहे डॉक्टरों से इलाजरत बच्चों का हाल जाना। प्राचार्य, अधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला वैक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी, शिशु रोग विभागाध्यक्ष के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

प्रधान सचिव ने बताया कि यह एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) जिसके तहत कोई भी बीमारी हो सकती है। यहां निरीक्षण में दिखा कि डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ बेहतर काम कर रहे हैं। अबतक रिसर्च में बीमारी कंफर्म नहीं हुई है। इलाज के लिए जो भी जरूरी संसाधन हैं उसे उपलब्ध कराया जा रहा है। 34 बेड के चार आईसीयू में बच्चे भर्ती है। रविवार से 16 बेड का एक और पीआईसीयू काम करने लगेगा। आवश्यकता होने पर डॉक्टरों के साथ नर्सो को दूसरे जिलों से यहां प्रतिनियुक्ति किया जाएगा। अभी पूरी फोकस इलाज पर है। रिसर्च की बात बाद में होगी। प्रचार प्रसार व जागरूकता को लेकर कमी है। उसकी जांच की जाएगी। अगर कोई कमी मिलेगी वह दूर होगी। अभी एम्स पटना से एसकेएमसीएच के आईसीयू व पीआईसीयू को जोड़ दिया गया है। केजरीवाल अस्पताल में भी इलाज हो रहा है।

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