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13 अगस्त, 2020|7:34|IST

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एईएस के कारकों को ढूंढ़ रही एंटोमोलॉजी टीम मांगेगी और समय

एईएस के कारणों की खोज के क्रम में जेई वायरस के वाहक मच्छर मिलने से राज्य स्वास्थ्य समिति की टीम उत्साहित है। जिले में अध्ययन कर रही एंटोमोलॉजी टीम को इसके लिए और समय देने की तैयारी है। टीम इस संबंध में जल्दी ही राज्य स्वास्थ्य समिति को अनुशंसा करने वाली है। पोस्ट मानसून अध्ययन के लिए टीम को और समय की आवश्यकता है, जबकि पूर्व में टीम को 31 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया था। ​
जिले में क्यूलेक्स मच्छर मिलने के बाद एईएस के कारणों तक पहुंचने की राह खुल गई है। जिले में काम कर रही एंटोमोलॉजी टीम क्यूलेक्स के अलावा कुछ और कीटों के अध्ययन में जुटी है। इसके साथ टीम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इसके लिए मानसून के पहले व मानसून के दौरान पर्याप्त सैंपल इकट्ठा कर लिया गया है। टीम अब पोस्ट मानसून (मानसून के बाद) सैंपल इकट्ठा करने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए टीम को पूर्व में निर्धारित समय में कम से कम 15 दिनों के विस्तार की आवश्यकता है। पूर्व में राज्य स्वास्थ्य समिति ने टीम को अपनी रिपोर्ट देने के  लिए 31 जुलाई तक का समय दिया था। यदि टीम के लिए समयाविध बढ़ायी जाएगी तो रिपोर्ट सरकार के सामने 15 अगस्त के बाद प्रस्तुत की जाएगी। ​
नौ प्रखंडों में किया अध्ययन​
टीम ने अबतक जिले के नौ प्रखंडों में अध्ययन किया है। ये प्रखंड जिले के अलग अलग हिस्सों में हैं। सैंपल इकट्ठा करने में यह ध्यान रखा गया है कि किस प्रखंड में किस बीमारी का अधिक प्रकोप है और एईएस का प्रकोप अधिक कहां-कहां है। इस क्रम में बूढ़ी गंडक के किनारे स्थित पंचायत, जलजमाव वाले पंचायत, अधिक वन क्षेत्र वाले पंचायत, बाढ़ ग्रस्त पंचायत व सूखाग्रस्त पंचायतों को चुना गया है। टीम एक-दो दिनों में अपने अध्ययन की मियाद बढ़ाने की अनुशंसा कर देगी और अनुमति मिलने के बाद अपने अध्ययन का दायरा और बढ़ाएगी।

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  • Web Title:Entomology team looking for factors of AES will ask for time