सिकंदरपुर-बालूघाट में उड़े ट्रांसफार्मर, बदलने में लगे दो दिन
मुजफ्फरपुर में तेज गर्मी के बीच बिजली संकट से गहराया शहर, जिससे एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। बिजली व्यवस्था में कई इलाकों में दो दिनों से संकट जारी है, लोगों की नींद उड़ी है और विभाग के शिकायत केंद्रों पर फोन घनघनाते रहे हैं।

मुजफ्फरपुर, वसं। भीषण गर्मी के बीच शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई है। सिकंदरपुर, बालूघाट, रामदयालु, अखाड़ाघाट समेत कई इलाकों में पिछले दो दिनों से बिजली संकट गहराने से एक लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। रातभर हो रही कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से लोगों की नींद उड़ गई है। बिजली विभाग के शिकायत केंद्रों पर लगातार फोन घनघनाते रहे, लेकिन कई जगह समस्या के समाधान में घंटों से लेकर दो दिन तक का समय लग गया।
ट्रांसफार्मर संकट
सिकंदरपुर और बालूघाट क्षेत्र में सोमवार रात एक-एक ट्रांसफार्मर जल जाने से कई मोहल्लों की बिजली ठप हो गई। यहां के ट्रांसफॉर्मर बदलने में दो दिन लग गए। इस दौरान लोग उमस और गर्मी से बेहाल रहे। वहीं, रामदयालु क्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से टाउन-वन फीडर से जुड़े इलाकों में चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। उधर, माड़ीपुर क्षेत्र में दो स्थानों पर केबल जलने से लोग परेशान रहे। बढ़ते लोड और लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 120 एमएम क्षमता के नए केबल लगाने का निर्देश दिया है।
ट्रांसफार्मर ओवरलोड
विभाग के अनुसार भीषण गर्मी में मांग बढ़ने से शहर में 50 से अधिक ट्रांसफॉर्मर क्षमता से अधिक लोड झेल रहे हैं। भगवानपुर क्षेत्र में 100, 200 और 315 केवीए क्षमता के 84 ट्रांसफॉर्मर हैं। श्रमजीवी नगर और चाणक्य विहार में 315 केवीए के ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड चल रहे हैं। विभाग अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाना चाहता है, लेकिन जमीन की कमी और स्थानीय विरोध बड़ी बाधा बन रहा है।
बिजली की खपत में वृद्धि
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सभी चार डिविजन अंतर्गत बिजली की खपत डिमांड से 20 मेगावाट अधिक तक बढ़ गई है। अर्बन-1 डिवीजन में 125 मेगावाट तक, अर्बन-2 में 95 मेगावाट और ईस्ट डिवीजन में 90 मेगावाट बिजली की खपत है। इन डिवीजनों में में भी लोड क्षमता से 15-20 मेगावाट अधिक है। पूर्वी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ठाकुर का कहना है कि 20 मेगावाट खपत बढ़कर अब 90 मेगावाट हो गई है।
बिजली की मांग में वृद्धि
लगातार सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में केबल व अन्य उपकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बिजली की मांग में अचानक वृद्धि हुई है, जिससे ट्रांसफार्मरों और केबलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
पंकज राजेश, विद्युत अधीक्षण अभियंता, मुजफ्फरपुर।
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