
नारों, बिखराव के दावों के बीच उलझा औराई में वोटों का गणित, समझिए पूरा खेल
संक्षेप: मुजफ्फरपुर में चुनाव प्रचार तेजी से बढ़ रहा है। औराई क्षेत्र में मतदाता की मनोदशा में उतार-चढ़ाव है। बाहरी उम्मीदवार और जातिगत मुद्दों पर चर्चा हो रही है। मतदान में वोटों का बिखराव प्रत्याशियों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ चुका है। पार्टियों के स्टार प्रचारक विधानसभा क्षेत्रों में उड़नखटोले से उतरने लगे हैं। माहौल बन चुका है। किसके सिर सजेगा ताज? इस सवाल से अब धुंध छंटने लगी है। लोग इशारों में अपनी बात रख रहे हैं। बाढ़ से जूझते औराई में मतदाताओं का मिजाज भी चढ़ते-उतरते पानी सा नजर आता है। चचरी पुल के सहारे कटती जिंदगी के बीच चुनाव का शोर जोर पकड़ रहा है। कहीं बाहरी का नारा सुनाई देता है तो कहीं वोट बैंक की दुहाई।
किसी उम्मीदवार को नए वोट जुड़ने की उम्मीद है तो बिखराव की आशंका ने किसी की नींद उड़ा रखी है। इन सबके बीच यहां वोटों का गणित उलझा हुआ सा दिखता है। औराई के नवादा गांव में गुनगुनी दोपहर को एक पीपल के पेड़ के नीचे कई लोग जमा हैं। सज्जन कुमार से चुनाव पर चर्चा शुरू हुई तो कई लोग और जुट गए। सज्जन बोले, औराई में एक गठबंधन के उम्मीदवार बाहरी का नारा देकर प्रतिद्वंद्वी को कमजोर करना चाह रहे हैं, लेकिन, खुद उनका ही वोट बैंक खिसक सकता है।
प्रत्याशी इसी पर दांव खेल रहे हैं कि कैसे अपनी-अपनी जाति के वोटरों को अपने पक्ष में एकजुट कर लिया जाए। वहां मौजूद लोगों में से कुछ सज्जन की बात से सहमत दिखे, तो कुछ ने असहमति जताई। एक युवक बोल पड़ा, देखिएगा इस बार कई भ्रम टूट न जाएं। हवा बदल सकती है। बेदौल के जयबाबू राय बताते हैं, समाज का वोट कितना और किस ओर मुड़ेगा, अभी यह कहना मुश्किल है। एक ओर बड़े दल का उम्मीदवार तो दूसरी ओर समाज का ही निर्दलीय भी है। बंटने के आसार तो इसमें भी हैं। बेलभद्रपुर के तौकीर बख्शी कहते हैं, पिछले चुनाव में समीकरण दरक गया था। इस चुनाव में भी उसका असर दिख सकता है। वोट में तीन तरफा बिखराव की चुनौती भी प्रत्याशियों के सामने आ सकती है। देखना होगा, इसको लेकर उम्मीदवारों की क्या रणनीति सामने आती है। अभी मतदान में कुछ समय बाकी है। देखिए, मतों का बिखराव कितना रुक पाता है।
प्रखंड मुख्यालय के गेट पर दिलीप साह मिलते हैं। चुनाव की चर्चा करने पर कहते हैं, बड़े दलों-गठबंधनों के उम्मीदवारों के अलावा भी तो कई प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रखंड कार्यालय आने वाले लोगों में ऐसे उम्मीदवारों की भी चर्चा हो रही है। देखिए, कौन कितना दमदार निकलता है। असर आंक रहे उम्मीदवार स्थानीय विवेक यादव को लगता है कि औराई में वोटों का बिखराव परिणाम पर असर डाल सकता है। एक गठबंधन के उम्मीदवार का टिकट कट जाने और दूसरे गठबंधन में दल बदल हो जाने से ऐसा होने के आसार अधिक दिख रहे हैं। टिकट को लेकर नाराजगी दोतरफा है। देखना होगा, किसकी नाराजगी कितना असर दिखाती है। उम्मीदवार भी इसे आंकने में लगे हैं।

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