ईद-उल-अजहा की नमाज अदा, गले मिलकर दी मुबारकबाद

हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार उत्सवी माहौल में मनाया गया। नमाज के बाद बकरीद की कुर्बानी दी गई और लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बकरीद का पर्व पैगंबर इब्राहिम की सुन्नत को याद करता है।

ईद-उल-अजहा की नमाज अदा, गले मिलकर दी मुबारकबाद

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता जिलेभर में उत्सवी माहौल में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के ईदगाहों व मस्जिदों में सुबह निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई। गोशाला रोड स्थित बड़ी ईदगाह में बड़ी संख्या में लोग बकरीद की नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी। मौके पर कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मुबारकबाद देने पहुंचे। ईदगाहों पर मेला लगा।

बड़ी ईदगाह पर मुबारकबाद

बड़ी ईदगाह पर पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष पूर्वी विवेक कुमार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल समेत शहर के कई गणमान्य लोग गोशाला रोड पहुंचकर बकरीद की मुबारकबाद दी। कंपनीबाग, ब्रह्मपुरा, माड़ीपुर, जूरन छपरा, अतरदह मस्जिद, रेलवे स्टेशन मस्जिद, बैंक रोड, कमरा मोहल्ला शिया मस्जिद समेत शहर की सभी मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। इसके बाद बकरे की कुर्बानी दी गई। दिनभर सेवई, पकवान आदि खाने-खिलाने का दौर चलता रहा। वहीं, लोगों ने घर-घर जाकर एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी। वासिउल हक रिजवी, इकबाल कुरैशी, रेयाज अंसारी, जदयू नेता शब्बीर अहमद पप्पू, इरशाद हुसैन गुड्डू, इसराइल मंसूरी, मो. इश्तेयाक, अब्दुल मजीद, जफीर फरियादी आदि के घर देर शाम तक बकरीद मिलन का सिलसिला चलता रहा। बकरीद की नमाज के बाद मुसलमानों ने मुल्क में अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। बताते दें कि कुर्बानी शुक्रवार व शनिवार को भी दी जाएगी।

कुर्बानी की महत्ता

अदा की पैगंबर इब्राहिम की सुन्नत :

बकरीद की नमाज अदा करने के बाद अधिकतर परिवारों में बकरे की कुर्बानी दी गई। मान्यता है कि कुर्बानी देने वालों को उस माल के हर बाल के बराबर नेकी मिलती है। यह पैगंबर इब्राहिम की सुन्नत है। अल्लाह पाक ने उनका जो इम्तिहान लिया, उसमें वे खरे उतरे। अपने सबसे अजीज बेटे इस्माईल को खुदा की राह में क़ुर्बान करने को तैयार हो गए। खुदा को उनका यह जज़्बा पसंद आया और इस्माईल की जगह दुंबा की कुर्बानी पेश हुई। बकरीद पर्व इसी कुर्बानी के जज़्बे का इज़हार है।

सुरक्षा के इंतजाम

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम :

बकरीद को लेकर जिला प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में सुरक्षा को लेकर दंडाधिकारी के साथ भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात रही। गश्ती दल दिनभर स्थिति पर नजर बनाये रखी। प्रत्येक दो घंटे पर एसएसपी वायरलेस पर सभी थानो की रिपोर्ट लेते रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ईद-उल-अजहा कब मनाया गया?
ईद-उल-अजहा गुरुवार को मनाया गया।
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