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सीतामढ़ी-शिवहर में जेई टीका पर ग्रहण

सीतामढ़ी-शिवहर में जेई टीका पर ग्रहण

जेई बीमारी का मुख्य जोन बन रहे सीतामढ़ी व शिवहर जिले में जेई रोधी टीका नियमित टीकाकरण में शामिल नहीं हो सका है। कुछ कागजी व तकनीकी कारणों से भारत सरकार ने इन जिलों में नियमित टीकाकरण में जेई रोधी टीका देने पर कोई फैसला नहीं लिया है। वर्ष 2017 व 18 मिलाकर इन दोनों जिलों में जेई के 23 मरीज मिले। इनमें आठ बच्चों की मौत हो गयी।

हाल ही में राज्य स्तरीय विशेषज्ञ कमेटी ने इन जिलों में जेई रोधी को नियमित टीका में शामिल करने की अनुशंसा की है। लेकिन, सरकारी प्रक्रियाओं के चक्कर में इन हाई रिस्क वाले जिलों में इस टीके को शुरू नहीं किया जा सका है।

वर्ष 2012 में राज्य के कुल 24 जिलों को जेई रोधी टीका अभियान में शामिल करने की अनुशंसा हुई थी। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने अनदेखी के कारण ये दोनों जिले छूट गए। मुजफ्फरपुर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, वैशाली में टीकाकरण हुआ। वैसे जिलों में भी टीकाकरण हुआ, जहां पिछले पांच साल में जेई के मरीज नहीं मिले थे। इसमें जमुई, अरवल, अररिया, औरंगाबाद व गोपालगंज न के बराबर मरीज मिले। वर्ष 2018 में सीतामढ़ी व शिवहर में सबसे अधिक 12 मरीज मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल का तराई क्षेत्र होने से सीतामढ़ी व शिवहर जिले में पहले से ही जेई वायरस होने की आशंका थी। जेई-एईएस के राज्य नोडल अधिकारी सह बिहार राज्य वैक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि प्रधान सचिव हाल ही में भारत सरकार को इस बारे में सूचना दी है। बिहार सरकार कई बार प्रस्ताव दे चुका है। संभावना है कि एक से दो माह में इस पर फैसला ले लिया जाए।

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  • Web Title:Eat at JE vaccine in Sitamarhi-Shivarh