Muzaffarpur News: सॉल्वर गैंग की जांच करेंगे ट्रैफिक डीएसपी, मिली जिम्मेवारी
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में प्रतियोगिता परीक्षा में सॉल्वर गैंग और ब्लू टूथ डिवाइस से फर्जीवाड़े की जांच अब डीएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने ट्रैफिक डीएसपी अभिजीत अल्केश को केस सौंपा है। इसमें विभिन्न केंद्रों से जुड़े तीन मामले शामिल हैं जहां सॉल्वर और नकल के उपकरणों का उपयोग किया गया।

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। प्रतियोगिता परीक्षा में सॉल्वर गैंग और ब्लू टूथ डिवाइस से फर्जीवाड़े की जांच अब डीएसपी स्तर के पदाधिकारी ही करेंगे। अधिनियम में ही इसका प्रावधान किया गया है। इसके मद्देनजर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने समीक्षा के बाद मिठनपुरा थाने में दर्ज तीन अलग-अलग केसों की जांच की जिम्मेवारी ट्रैफिक डीएसपी अभिजीत अल्केश को सौंपने का निर्देश दिया। पहले इन तीनों केसों के जांच अधिकारी मिठनपुरा थाने के दारोगा नीतेश कुमार थे। एसएसपी के आदेश के बाद उन्होंने ट्रैफिक डीएसपी को चार्ज सौंप दिया है। अब नए जांच अधिकारी के सामने फरार पटना इलाके के सॉल्वर सेटर और स्कॉलर गैंग का सुराग ढूंढने की चुनौती होगी।
पहला केस
डीएसपी को मिला पहला केस जिला स्कूल परीक्षा केंद्र से जुड़ा है। यहां सिपाही चालक की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी रणजीत कुमार की जगह परीक्षा दे रहे सॉल्वर संतोष कुमार और उसके सहयोगी मनीष कुमार को पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि मोटी रकम लेकर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दिलाई जा रही थी। दूसरा मामला वैशाली इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट केंद्र में आयोजित सीटीईटी परीक्षा से जुड़ा है। यहां राहुल कुमार राम समेत कई अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर बैठाकर परीक्षा दिलाने का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में पप्पू शर्मा और अजीत कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पटना के सॉल्वर सेटर गैंग की भूमिका सामने आई थी।
तीसरा मामला
तीसरा मामला चैपमैन बालिका उच्च विद्यालय सेंटर से जुड़ा है। सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी पंकज यादव को शर्ट के अंदर छिपाए गए ब्लूटूथ बग डिवाइस के साथ पकड़ा गया था। वह बाहर बैठे साथियों की मदद से नकल कर रहा था। तीनों ही मामलों में परीक्षा माफिया का बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। डीएसपी स्तर से जांच होने के बाद अब फरार आरोपितों पर शिकंजा कसने और पूरे रैकेट के खुलासे की उम्मीद बढ़ गई है।


