अस्पताल में आग :: प्रसाद हॉस्पिटल में सेवा देने पर बंदरा पीएचसी के डॉक्टर निलंबित
मुजफ्फरपुर, प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड में डॉ. पंकज कुमार को निलंबित किया गया है। उन पर मरीजों को जोखिम में छोड़कर भागने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित किया है। डीएम के निर्देश पर अब तक 25 निजी अस्पतालों को सील किया गया है।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड मामले में बंदरा पीएचसी के मेडिकल ऑफिसर (एमओ) डॉ. पंकज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। डीएम सुब्रत कुमार सेन की अनुसंशा पर स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार यह कार्रवाई की है। डॉ. पंकज पर प्रसाद हॉस्पिटल में सेवा देने और आईसीयू में आग लगने के बाद मरीजों को जोखिम में छोड़कर फरार हो जाने का आरोप है।
निलंबन के कारण
सरकारी सेवा में रहने के बावजूद निजी अस्पताल में सेवा देने और बंदरा पीएचसी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के मामले में भी उनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। ड्यूटी छोड़ने को गंभीर प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी लापरवाही माना गया है। बताया गया है कि प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड जैसे संवेदनशील मामले में भी उनकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
संवेदनहीनता का आरोप
बताया गया है कि बीते 4 जून को ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में आग लगने के समय डॉ पंकज कुमार ड्यूटी पर थे और मरीजों को छोड़कर फरार हो गए। कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं मरीजों के प्रति संवेदनहीनता को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग तय करेगा। साथ ही उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की विस्तृत विभागीय जांच भी कराई जाएगी।
निजी अस्पतालों की जांच
अब तक 25 निजी अस्पताल सील :
बताया गया है कि डीएम के निर्देश पर विशेष टीमें निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चला रही है। अब तक 25 स्वास्थ्य संस्थानों को सरकारी प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में सील कर दिया गया है। जांच अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान
डॉक्टर-कर्मी पूरे मनोयोग से करें ड्यूटी :
डीएम ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मरीजों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपातकालीन परिस्थितियों में तैनात डॉक्टरों व कर्मियों से पूर्ण जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। कहा कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने वालों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


