अंकेक्षण निदेशालय ने कॉलेजों से मांगा खर्चे का हिसाब
अंकेक्षण निदेशालय ने बीआरएबीयू के सभी कॉलेजों से उनके खर्चे का हिसाब मांगा है। इसके लिए निदेशालय ने विवि के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। अंकेक्षण निदेशालय ने बीआरएबीयू के सभी कॉलेजों से उनके खर्चे का हिसाब मांगा है। इसके लिए निदेशालय ने विवि के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। अंकेक्षण निदेशालय वर्ष 2024-25 में हुए नामांकन और उससे प्राप्त हुई राशि का पूरा ब्योरा मांगा है। इसके लिए निदेशालय की तरफ से विवि और कॉलेजों को एक फार्मेट भी भेजा गया है। निदेशालय ने कॉलेजों के बैंक अकाउंट, अकाउंट नंबर, कैश बुक की जानकारी भी मांगी है। कॉलेजों में कितने शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी हैं, इसकी भी जानकारी विवि से मांगी है। नियमित शिक्षकों के अलावे अतिथि शिक्षकों का भी ब्योरा देने को कहा है।
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लेखक के बारे में
Mrityunjay Kumarशॉर्ट बायो: मृत्युंजय कुमार पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में हेल्थ और हायर एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मृत्युंजय कुमार, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में हेल्थ और हायर एजुकेशन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2021 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
मृत्युंजय ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में हिन्दुस्तान पटना से की। इसके बाद नई दुनिया दिल्ली, अमर उजाला नोएडा और गोरखपुर, हिन्दुस्तान गोरखपुर, दैनिक जागरण पटना, हिन्दुस्तान भागलपुर, प्रभात खबर मुजफ्फरपुर और अब हिन्दुस्तान मुजफ्फरपुर में काम कर रहे हैं। वर्ष 2014 में दैनिक जागरण में इन्हें डिजिटल बिहार प्रभारी बनाया गया। इसके बाद दैनिक जागरण पटना के सिटी जागरण टीम का प्रभारी बनाया गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
पीजी हिन्दी, दिल्ली विश्वविद्यालय और प्रिंट पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा।
विशेषज्ञता
हेल्थ, एजुकेशन, कला संस्कृति, साहित्य
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