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एप से निवेश करा साइबर शातिरों ने एमआर से 22 लाख ठगे

एप से निवेश करा साइबर शातिरों ने एमआर से 22 लाख ठगे

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में एक दवा कंपनी के एमआर से साइबर शातिरों ने निवेश के नाम पर 22.2 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने सोशल मीडिया के जरिए एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होकर एक एप डाउनलोड किया और उसमें निवेश किया।...

Sep 14, 2025 12:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एक दवा कंपनी के एमआर से साइबर शातिरों ने एप से निवेश कर अधिक मुनाफे का झांसा देकर 22.2 लाख रुपये की ठगी कर ली है। इस संबंध में उसने मुजफ्फरपुर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मोबाइल नंबर और अलग-अलग 12 बैंक खातों के ब्योरे के आधार पर जांच कर रही है। शातिरों ने 12 बैंक खाते में ठगी के रुपये मंगाए। पीड़ित ने पुलिस को बताया है कि बीते 23 जून को उन्हें सोशल मीडिया पर एक लिंक भेजकर 7777 फायर्स वेदान्नी धर्मा नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप के सभी मेंबर को चीफ इनवेस्टर राजीव मेहता ने वर्ल्ड फाइनेंस चायलेंज में उनके लिए वोटिंग करने का आग्रह किया।

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वोटिंग के लिए एक एप डाउनलोड कराया गया। 25 जून को उक्त यूआरएल से फायर्स एचएनआई एप डाउनलोड कर राजीव मेहता को वोट किया। इसी एप पर फायर्स एचएनआई खाता के माध्यम से आईपीओ निवेश के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पर पीड़ित ने दस हजार रुपये का निवेश किया। इसके साथ ही 14 अगस्त तक पीड़ित से अलग-अलग बैंकों खातों में निवेश के 22 लाख 20 हजार रुपये लिए गए। 12 खातों में 16 ट्रांजेक्शन के माध्यम से साइबर शातिरों ने रुपये लिए। सभी निवेश अलग-अलग कंपनियों के नाम पर थे। 15 अगस्त को पीड़ित ने फंड विड्रॉल के लिए आग्रह किया, तो उसके आग्रह को रिजेक्ट कर दिया गया। जब पीड़ित ने संपर्क किया तो उसे कुल निवेश का 10 प्रतिशत राशि एक मुश्त मांगे गए। इसके बाद साइबर ठगी का अहसास हुआ। 19 अगस्त से पीड़ित ने उक्त कंपनी के अधिकृत मेल पर जब शिकायत की तो बताया गया कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। इस तरह का कोई निवेश खाता कंपनी में नहीं है। तब पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की। साथ ही साइबर थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई।