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मुजफ्फरपुरतीन साल में सिर्फ एक बार मिली सीआरसीसी व बीआरपी को राशि

हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फरपुरPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 09:00 PM
तीन साल में सिर्फ एक बार मिली सीआरसीसी व बीआरपी को राशि

मुजफ्फरपुर। वरीय संवाददाता

विभागीय उदासीनता एवं अनियमितता के कारण जिले के सभी सीआरसीसी व बीआरपी उपेक्षा के शिकार हैं। बीते तीन साल में सिर्फ एक बार राशि मिलने से उनको परेशानी झेलने पड़ी रही है।

ये बातें परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय संगठन प्रभारी लखन लाल निषाद ने सोमवार को कहीं। उन्होंने कहा कि सीआरसीसी व बीआरपी सूचना आदान-प्रदान के मजबूत स्तंभ होते हैं। अपनी जान जोखिम में डालकर सभी प्रकार के सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अनियमितता के कारण इनके समक्ष निराशा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। तीन सत्रों में केवल एक बार ही सत्र 2018-19 का ही भुगतान किया गया। शेष दो सत्रों का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने के पश्चात भी कोई भुगतान नहीं किया गया है। संकुल स्तर पर विभिन्न प्रशिक्षण भ्रमण एवं अकादमिक सहयोग के लिए क्रियाकलाप आधारित गतिविधि के लिए संकुल मद में 50000 की राशि दी जाती है। यह तीन सत्रों में केवल एक बार ही निर्गत की गई। विगत दिनों केचप कोर्स का प्रशिक्षण दिया गया, इसका भुगतान संबंधित सीआरसीसी की ओर से अपने निजी कोष से या उधार लेकर किया गया। उसका भी भुगतान अभी तक लंबित है। वर्तमान परिस्थिति में जिले के सभी सीआरसीसी एवं बीआरपी कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं। संघ ने अधिकारियों से भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। वहीं, उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और निगरानी शिक्षकों को फोल्डर के नाम पर परेशान न करें। अन्यथा शिक्षा विभाग और निगरानी कार्यालय में ताला जड़ना पड़ेगा। दो दर्जनों से अधिक बार शिक्षकों के अपना फोल्डर जमा किया। इन फोल्डरों को आसमान खा गया या जमीन निगल गया। इसका जवाब शिक्षक मांग रहे है।

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