
मारपीट के मामले में सेवानिवृत्त एडीएम व दो पुत्रों को डांट-फटकार की सजा
मुजफ्फरपुर में 22 वर्ष पुराने पड़ोसी से मारपीट के मामले में सेवानिवृत्त एडीएम परमेश्वर झा और उनके दो पुत्रों को कोर्ट ने डांट-फटकार की सजा सुनाई। तीनों को दोषी करार दिए जाने के बाद बांड भरवा कर रिहा कर दिया गया। इस मामले में गवाही देने वाले गवाह नहीं आए थे।
मुजफ्फरपुर, हिप्र। पड़ोसी से मारपीट के 22 वर्ष पुराने मामले में दोषी कुढ़नी थाना क्षेत्र के रजला गांव के सेवानिवृत्त एडीएम परमेश्वर झा व उनके दो पुत्रों को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-20 के कोर्ट ने शुक्रवार को डांट-फटकार की सजा सुनाई। इन तीनों को कोर्ट ने कड़ी चेतावनी दी। सजा पाने वालों में रत्नेश झा व अनिल झा भी शामिल है। इन तीनों को कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। सजा के बाद तीनों को बांड भरवा कर छोड़ दिया गया। अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि इस मामले में विश्वनाथ झा का इलाज करने वाले डॉक्टर व मामले के आईओ कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे।
सूचक की भी मौत हो गई। दो वर्ष से कम सजा वाले, प्रथम अपराध होने व भविष्य से अपराध नहीं करने की शर्त पर परिवीक्षा अधिनियम के तहत कोर्ट डांट फटकार व चेतावनी देकर एवं बांड भरा कर रिहा कर सकता है। परमेश्वर झा के पड़ोसी विश्वनाथ झा ने सात फरवरी 2003 को कुढ़नी थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें परमेश्वर के अलावा उनके पुत्र रत्नेश झा, अनिल झा व इंद्रजीत झा को आरोपित बनाया था। एफआईआर में कहा था कि सात फरवरी 2003 की सुबह सभी आरोपित उसके घर पर पहुंच गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि बहुत केस करते हो। इसके बाद सभी आरोपित उसके साथ मारपीट की और फरसा से वार किया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने 31 मई 2003 को सभी के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसमें परमेश्वर, रत्नेश व अनिल के विरुद्ध ट्रायल चला।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




