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सहकारिता बैंक तय करे ऋण वसूली का लक्ष्य

नाबार्ड के डीजीएम एसके गुप्ता ने शुक्रवार को जिला सहकारिता बैंक की समीक्षा बैठक की। इसकी अध्यक्षता बैंक के उपाध्यक्ष बीरेंद्र राय ने की। उन्होंने बताया कि सहकारिता बैंक को वित्तीय वर्ष 2017-18 में तीन लाख का मुनाफा हुआ है, लेकिन पुराने 31 करोड़ के घाटे की भरपाई नहीं हो रही है। उपाध्यक्ष ने बताया कि नाबार्ड के डीजीएम ने कहा है कि सहकारिता बैंक ऋण वसूली कार्य सही ढंग से नहीं कर पा रहा है। शाखावार ऋण वसूली का लक्ष्य तय करने का निर्देश डीएमजीएम ने दिया है। उपाध्यक्ष ने कहा कि डीजीएम ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लेन-देन के लिए बैंकों में ई-पॉश मशीन लगाए। इससे बैंक को मुनाफा भी होगा। उन्होंने जिला सहकारिता बैंक की कार्यशैली में बदलाव लाने का दिशा-निर्देश दिया है। बैठक में एमडी अनिल कुमार गुप्ता और बोर्ड के सदस्य मौजूद थे।

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  • Web Title:Co-operative banks decide on debt recovery