नगर में सौ, गांवों में 500 मीटर पर पेयजल स्रोत माना जाएगा नजदीक
मुजफ्फरपुर में अगले वर्ष होने वाली जनगणना के पहले चरण के लिए फॉर्मेट जारी किया गया है। इसमें पेयजल स्रोत, मकान की स्थिति, परिवारों की जानकारी, खाना पकाने के तरीके और उपयोग किए जाने वाले अनाज का विवरण दिया गया है। मकान सूचीकरण अप्रैल में होगा और परिवारों को क्रम संख्या दी जाएगी।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। अगले वर्ष होने वाली जनगणना के पहले चरण के लिए फॉर्मेट जारी कर दिया गया है। इस फॉर्मेट में किस तरह शुरुआत होगी, कैसे अलग-अलग चीजों को चिह्नित करना है, ये सारी चीजें दी गई हैं। फॉर्मेट के मुताबिक नगर में 100 तो ग्रामीण क्षेत्र में 500 मीटर दूर तक पेयजल स्रोत को निकट माना जाएगा।अप्रैल में होने वाले मकान सूचीकरण और मकान गणना के लिए दिए गए फॉर्मेट में लोकेशन विवरण से शुरुआत होगी। सात तरह के फर्श तो 10 तरह की दीवार-छत चिह्नित होगी। मकान का उपयोग किस तरह से किया जा रहा, इसे 10 श्रेणी में बांटा गया है।
लोकेशन विवरण में राज्य का नाम, जिला का नाम, तहसील, थाना आदि का घेरा बना हुआ है। फॉर्मेट में चौकोर घेरा बना है, जिसमें संबंधित ब्योरा लिखना है।संस्थागत परिवार के लिए दर्ज होगा '999'फॉर्मेट में 9 नंबर पर परिवार क्रमांक लिखना है। प्रत्येक परिवार को अलग क्रम संख्या देना है और प्रत्येक संस्थागत परिवार के लिए 999 दर्ज करना है। संस्थागत परिवार के लिए कॉलम 12 और 13 नहीं भरा जाना है। बाकी परिवार के लिए कॉलम 12 और 13 भरा जाना है। इसमें कॉलम 12 में पुरुष, स्त्री, ट्रांसजेंडर व्यक्ति की जानकारी देनी है। कॉलम 13 में परिवार में रहने वाले अनु.जाति जनजाति या अन्य का ब्योरा देना है। फॉर्मेट में दिए गए कॉलम 15 में इस परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या भी बताना है। इसके बाद कॉलम 16 में इस परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या बतानी है।खाना पकाने के तरीके का भी लगाया जाएगा पतामकान सूचीकरण के दौरान दिए गए फॉर्मेट में कॉलम 25 में खाना पकाने के मुख्य साधन वाला कॉलम भरना है। इसमें 10 तरीके का जिक्र अलग से दिया गया है, जिसमें यह लिखना है कि संबंधित परिवार इन 10 में किस तरीके का उपयोग करते हैं। इसमें खाना पकाने के लिए उपयोग किए जा रहे ईंधन में लकड़ी, फसल का अवशेष, उपला, पक्का कोयला, मिट्टी का तेल, एलपीजी-पीएनजी, बिजली, गोबर, सौर ऊर्जा या अन्य कोई चीज है।बाजरा मक्का कितने लोग खाते, यह भी ली जाएगी जानकारीजनगणना के पहले चरण के दौरान परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले अनाज का तो पता लगाया ही जाएगा। साथ ही, ज्वार, बाजारा, मक्का कितने लोग उपयोग करते हैं, यह भी पता चलेगा।
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