
जीवित्पुत्रिका व्रत : आज व्रती निर्जला उपावास पर रहेंगी
मुजफ्फरपुर में नहाय-खाय के साथ शनिवार को जीवित्पुत्रिका व्रत का शुभारंभ हुआ। इस व्रत का उद्देश्य संतान की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए किया जाता है। व्रती महिलाएं रविवार को निर्जला उपवास पर रहेंगी...
मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। नहाय-खाय के साथ शनिवार को जीवित्पुत्रिका व्रत शुभारंभ हो गया। व्रती रविवार को निर्जला उपवास पर रहेंगी। जीवित्पुत्रिका व्रत महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु एवं सुख समृद्धि के लिए करती हैं। शनिवार की सुबह व्रती महिलाओं ने शहर के बूढ़ी गंडक नदी के आश्रमघाट, अखाड़ाघाट, सीढ़ीघाट व संगम घाट पर स्नान किया। उससे पहले व्रतियों ने नदी घाट पर झिगुनी के पत्ते पर तेल, खरी चढ़ा कर जीवित्वाहन देवता, चिल्ह और शियार व अपने पितरों को तेल व खरी अर्पित किया। स्नान के बाद व्रतियों ने मडुआ की रोटी, नोनी का साग और झिगुनी की सब्जी ग्रहण किया।
रविवार तड़के दही -चूरा से महिलाएं सरगही करेंगी। उससे पहले ओठगन देंगी। उसके बाद व्रती निर्जला उपवास पर चली जाएंगी। पंडित प्रभात मिश्र ने बताया कि रविवार को सैकड़ों महिलाएं मंदिर में आकर जीवित्पुत्रिका व्रत कथा सुनेंगी। सोमवार की सुबह 6:27 में पारण कर व्रती व्रत का समापन करेंगी।

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