
वंदे मातरत गीत आज भारतीयों की पहचान
मुजफ्फरपुर में रामवृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय की एनसीसी और एनएसएस इकाई ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर जागरूकता रैली निकाली। प्राचार्य प्रो. मधु सिंह ने इसके इतिहास पर प्रकाश डाला। ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में भी संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वंदे मातरम गीत को भारतीय पहचान के प्रतीक के रूप में बताया गया।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। रामवृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय की एनसीसी और एनएसएस इकाई की ओर से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को जागरूकता रैली निकाली गई। प्राचार्य प्रो. मधु सिंह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के निर्माण एवं लागू होने तक के इतिहास पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि यह गीत हम भारतीयों की पहचान है। एनसीसी पदाधिकारी डॉ. अंकिता सिंह एवं एनएसएस पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार निगम के नेतृत्व में रैली का आयोजन किया गया। रैली में शामिल छात्राएं राष्ट्रवादी नारे लगा रही थीं। रैली कॉलेज परिसर से निकलकर छाता चौक, एलएस कॉलेज कैंपस होते हुए वापस कॉलेज परिसर पहुंची।
इस अवसर पर डॉ. नूपुर वर्मा, डॉ. चेतना वर्मा आदि उपस्थित थे। उधर ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय के एनसीसी विभाग के तत्वावधान में वंदे मातरम के गौरवशाली एक सौ पचास वर्ष विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. संजय थे। मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. भारती सेहता उपस्थित थीं। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. ममता रानी ने की। प्राचार्य ने कहा कि वंदे मातरम गीत हमारे गौरवशाली अतीत का प्रतीक है। भारत को एक सूत्र में बांधने वाला यह गीत हम भारतीयों की पहचान है। डॉ. भारती ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर कई प्रतियोगिताएं भी हुईं।

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