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गहमागहमी में पांच हजार डिग्रियां बनीं, सैकड़ों बाकी

गहमागहमी में पांच हजार डिग्रियां बनीं, सैकड़ों बाकी

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर के बीआरएबीयू में पांच हजार छात्रों की डिग्रियां बनीं, लेकिन सैकड़ों छात्रों की डिग्रियां नहीं बन सकीं। परीक्षा विभाग ने छुट्टी के दिन भी डिग्रियां बनाने का काम किया। विवि की छुट्टी के कारण...

Sep 28, 2025 06:35 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू में कई दिनों तक चली आपाधापी के बीच पांच हजार छात्रों की डिग्रियां बनीं। सैकड़ों छात्रों की डिग्रियां नहीं बन सकीं। परीक्षा विभाग में कई दिनों तक विशेष रूप से डिग्री बनाने का काम किया गया। छुट्टी के दिन भी परीक्षा विभाग के कर्मियों ने डिग्री बनाई। इसके बाद भी सैकड़ों छात्रों की डिग्रियां नहीं बन सकीं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि विवि खुलने के बाद बाकी डिग्रियां बनाई जायेगी। सीटेट में पांच अक्टूबर तक छात्र आवेदन कर सकते हैं। दशहरा की छुट्टी के कारण बीआरएबीयू अब छह अक्टूबर को खुलेगा। राजभवन से जारी छुट्टी के अनुसार तीन अक्टूबर तक विवि में दशहरा की छुट्टी थी, लेकिन कुलपति ने अपने अधिकार से छुट्टी को एक दिन और बढ़ा दिया है।

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छुट्टी चार अक्टूबर तक हो गई है। पांच अक्टूबर को रविवार है। इसलिए अब विवि छह अक्टूबर को खुलेगा। छात्रों का कहना है कि विवि के बंद रहने से वह अब सीटेट में आवेदन नहीं कर सकेंगे। सीटेट के आवेदन प्रक्रिया में किया जाये बदलाव छात्रों का कहना है कि सीटेट में दूसरे पेपर में फॉर्म भरने के लिए पीजी की डिग्री होना अनिवार्य है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का नियम है कि पीजी की डिग्री लगाकर ही आवेदन कर सकते हैं। बीआरएबीयू के अलावा कई विश्वविद्यालयों में डिग्री के लिए छात्रों को परेशानी हो रही है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एपियरिंग कैंडिटेट को भी सीटेट का आवेदन करने की छूट दी जानी चाहिए। पीजी परीक्षा के लिए भी हो चुका है हंगामा पीजी फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के लिए पिछले दिनों विवि में हंगामा हुआ था। छात्रों के हंगामे के बाद परीक्षा विभाग ने फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा की तारीख जारी की। छात्रों का कहना था कि पीजी फोर्थ सेमेस्टर में दो ही पेपर होते हैं। इसके बाद भी परीक्षा लेने में परीक्षा विभाग देरी कर रहा है। समय पर परीक्षा होती तो हम भी सीटेट का फॉर्म भर पाते।