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नये आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाने से पहले ही पहुंच गईं किताबें

नये आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों को पढ़ाने के लिए आईसीडीएस विभाग ने किताबें तो भेज दी। मगर जिले में अब तक नये आंगनबाड़ी केन्द्र खोले नहीं गए हैं। सीडीपीओ की शिथिलता के कारण दो महीने बाद भी केन्द्र खोलने के लिए स्थल का चयन नहीं किया गया है। विभाग की ओर से किताबें आने के बाद डीपीओ ने मुशहरी सदर परियोजना सीडीपीओ को छोड़कर अन्य प्रखंडों के सीडीपीओ को किताबों का उठाव कर इसे सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। 1290 नये आंगनबाड़ी केन्द्र खुलने हैं प्रखंडों में: जिले के प्रखंडों में 1290 नये आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाने हैं। इसको लेकर डीपीओ के स्तर से स्थल का चयन करने का आदेश दिया गया था। लेकिन सीडीपीओ ने केन्द्र स्थापित किये जाने के लिए अभी तक स्थल का चयन नहीं किया है। इस संबंध में विभाग को सूचना भी नहीं उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में सेविका-सहायिका के चयन की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। स्थल का चयन नहीं किये जाने से इन दोनों पदों के लिए विज्ञापन का प्रकाशन भी नहीं किया जा सका है। उठाव के बाद विभाग को भेजनी है रिपोर्ट: डीपीओ मो. कबीर ने बताया कि संबंधित सीडीपीओ को स्थल चयन जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख शिक्षा किताबें मुशहरी सदर सीडीपीओ कार्यालय से उठाव करने के लिए कहा गया है। उठाव के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को भेजी जानी है। नवसृजित 1290 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए 1290 स्टोरी कार्ड सेट, 1290 आओ गाएं किताब और चार साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए 19350 किताबें विभाग ने भेज दी है।

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  • Web Title:Books reached before opening of new Anganwadi center