
बीआरएबीयू ने किया जापान के टोक्यो विवि ऑफ एग्रीकल्चर से करार
संक्षेप: बीआरए बिहार विवि और जापान के टोक्यो विवि ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने जापानी शोधकर्ताओं को बिहार विवि में सहयोग के लिए आमंत्रित किया। टोक्यो विवि ने छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम को मंजूरी दी, जिससे विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरए बिहार विवि और जापान के टोक्यो विवि ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। बीआरएबीयू के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय और अन्य शिक्षकों की जापान यात्रा के दौरान यह करार हुआ है। इस दौरान प्रो. राय ने जापानी एसोसिएशन फॉर एरिड लैंड स्टडीज की ओर से इंटरनेशनल डेजर्ट काउंसिल के सहयोग से आयोजित डीटी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एरिड लैंड सम्मेलन को भी संबोधित किया। कुलपति ने जापानी शोधकर्ताओं को बिहार विवि, मुजफ्फरपुर में आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत सहयोगी कार्य के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रो. संजय कुमार, इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाध्यक्ष ने मुख्य व्याख्यान देकर प्रदर्शित किया।

वहीं, प्रो. संगीता सिन्हा, भौतिकी विभागाध्यक्ष तथा तीन शोधार्थियों ने वहां चार शोध पत्र प्रस्तुत किए। टोक्यो विवि के प्रो. सैटो ने बिहार विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए टोक्यो में पूर्ण छात्रवृत्ति सहित छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी। कुलपति प्रो. राय ने जोर देते हुए कहा कि यह एमओयू विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि हम अपने छात्रों एवं संकाय सदस्यों को वैश्विक एक्सपोजर प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्ध। यह एमओयू इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिनशू विश्वविद्यालय के प्रो. ताकाहाशी एवं कोगाकुइन विश्वविद्यालय के प्रो. साकाई ने भी औपचारिक एमओयू को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

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