Muzaffarpur News: 10 हजार से अधिक छात्रों ने विषय व कॉलेज बदले
Muzaffarpur News: बीआरए बिहार विवि के 10 हजार से अधिक छात्रों ने विषय बदला है। यूजी नामांकन में एडिट के बाद विषय बदलने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। विवि के अधिकारियों के अनुसार यह परिवर्तन यूजी में नामांकन को 10 से 15 हजार तक बढ़ा सकता है। 40 हजार से अधिक छात्र प्रतीक्षा सूची में हैं।

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता बीआरए बिहार विवि के 10 हजार से अधिक छात्रों ने विषय से लेकर कॉलेज तक बदला है। यूजी नामांकन में एडिट का मौका मिला तो छात्रों ने बड़ी संख्या में अपना विषय बदल लिया है। विवि अधिकारियों के अनुसार विषय बदलने के कारण यूजी में 10 से 15 हजार तक नामांकन बढ़ सकता है।
छात्रों की पसंदीदा कॉलेज
यूजी में पसंदीदा कॉलेज के लिए छात्र छात्राएं विषय बदल रहे हैं। तीन मेरिट लिस्ट पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अबतक एक लाख का भी आंकड़ा यूजी नामांकन में नहीं पहुंचा है। विवि में स्नातक नामांकन में कई कॉलेजों में ऐसे कई विषय हैं, जहां अब भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं, वहीं इतिहास, हिन्दी समेत कई विषयों में सीटें भर चुकी हैं। डीएसडब्ल्यू आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि एडिट के बाद नामांकन बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद भी सीटें खाली रह जाएंगी।
प्रतीक्षा सूची में छात्र-छात्राएं
40 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतीक्षा सूची में
डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि तीन मेरिट सूचियों के प्रकाशन और दाखिले के बाद भी 40 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं प्रतीक्षा सूची में हैं। जिन छात्र-छात्राओं ने विषय या कॉलेज बदला है, उन्हें तो मौका मिलेगा, लेकिन अन्य छात्र छात्राएं इसके बाद भी बचे रह जाएंगे। चुने गए कॉलेज और विषयों के विकल्पों के आधार पर ही चौथी मेरिट सूची तैयार की जा रही है। इसके जरिए रिक्त सीटों को भरा जाएगा।
नए डिग्री कॉलेजों में स्थिति
नए डिग्री कॉलेजों में सीटें अब भी खाली
इस सत्र में नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में भी पहलीबार नामांकन लिया गया है। इन कॉलेजों में हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास और समाजशास्त्र विषयों की पढ़ाई होगी। प्रत्येक विषय में 48-48 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन विषयों में नामांकन 30-40 फीसदी भी नहीं हो पाया है।


