Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर को बनेगा बिजली का ‘पावर बैंक’
Muzaffarpur News: सबहेड : जरूरत के समय बिजली बचाकर रखने में खोजा जा रहा बिजली संकट का

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, वसं। उत्तर बिहार के सबसे बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र मुजफ्फरपुर में बिजली संकट से स्थायी निजात दिलाने के लिए बड़ी राहत की योजना तैयार हो रही है। बिहार सरकार की ऊर्जा नीति के तहत राज्य के प्रमुख ग्रिड सब-स्टेशनों के पास बैटरी स्टोरेज सिस्टम स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है, जिसमें मुजफ्फरपुर को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। जिले में अब बिजली का अपना ‘पावर बैंक’ होगा। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के जरिए दिन में उपलब्ध अतिरिक्त बिजली को बड़े पैमाने पर बैटरियों में जमा किया जाएगा और शाम के पीक आवर में जरूरत पड़ने पर यही बिजली ग्रिड में वापस भेजी जाएगी। सोलर और अन्य स्रोतों से दिन के वक्त मिलने वाली सरप्लस बिजली को भारी-भरकम बैटरियों में स्टोर किया जाएगा। फिर संबंधित ग्रिड सब-स्टेशन से कम मांग के समय बिजली लेकर बैटरियों को चार्ज किया जाएगा। ग्रिड में उपलब्ध विभिन्न स्रोतों से आने वाली बिजली इसमें स्टोर हो सकेगी。
शाम के पांच से रात दस बजे तक सर्वाधिक लोड
बताया गया कि शाम 5 बजे से रात 10 बजे के बीच घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक खपत बढ़ने से बिजली नेटवर्क पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है। इसी दौरान फीडर ट्रिप होने, लो-वोल्टेज और ट्रांसफॉर्मर पर ओवरलोड की शिकायतें बढ़ती हैं। बीईएसएस इसी समय ‘बफर’ की तरह काम करेगा। मांग बढ़ने पर स्टोर की गई ऊर्जा ग्रिड को दी जा सकेगी, जिससे सिस्टम पर अचानक बढ़ने वाला भार कुछ हद तक कम किया जा सकेगा। इससे न केवल शहरी क्षेत्र, बल्कि ग्रामीण इलाकों को भी उच्च गुणवत्ता वाली निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
ऐसे स्टोर की जाएगी बिजली
अतिरिक्त ऊर्जा संचय का मतलब है कि प्रतिदिन निर्धारित खपत से बचने वाली बिजली बैकअप के तौर पर स्टोर होगी। वहीं, घरों में जो सोलर सिस्टम से उत्पादित बिजली की बचत होगी, वह भी नेट मीटरिंग के जरिये सीधे ग्रिड को जाएगी। इस तरह ये स्टोर ऊर्जा बिजली का पावर बैंक बनेगी, जो पीक आवर में आपूर्ति सुचारू करने में सहायक बनेगी।
अब बिजली संकट का समाधान सिर्फ उत्पादन बढ़ाने में नहीं, बल्कि जरूरत के समय बिजली बचाकर रखने में भी खोजा जा रहा है। मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित बैकअप प्लान इसी दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। मुजफ्फरपुर जैसे बड़े लोड सेंटर में बीईएसएस यानी ‘पावर बैंक’ के आने से शहरी के साथ ग्रामीण बिजली नेटवर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है。
मो. साजिद हुसैन, कार्यपालक अभियंता, पश्चिमी डिवीजन


