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विवि की लापरवाही से एक साल देर शुरू हुआ ऑटोमेशन

बीआरएबीयू की लापरवाही से विश्वविद्यालय में एक साल देर से ऑटोमेशन का काम शुरू हुआ। बार-बार पत्र लिखने के बाद भी पीजी विभागों ने अपना डाटा यूएमआईएस को...

विवि की लापरवाही से एक साल देर शुरू हुआ ऑटोमेशन
हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फरपुरSat, 25 May 2024 01:45 AM
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता।
बीआरएबीयू की लापरवाही से विश्वविद्यालय में एक साल देर से ऑटोमेशन का काम शुरू हुआ। बार-बार पत्र लिखने के बाद भी पीजी विभागों ने अपना डाटा यूएमआईएस को नहीं भेजा। इस बारे में एजेंसी ने भी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को पत्र लिखकर डाटा भेजने को कहा। एजेंसी ने 10 अप्रैल 2023 को रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर सभी कॉलेजों के शिक्षकों का डाटा भी मांगा, लेकिन वहां से डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे पहले 2021 में भी डीएसडब्ल्यू की तरफ से कॉलेजों को डाटा भेजने के लिए पत्र भेजा गया था।

बिहार विवि को पूरी तरह डिजिटलाइज करने की प्रक्रिया वर्ष 2020 से चल रही है। इसके तहत सभी कॉलेजों की नई वेबसाइट तैयार करनी थी। विवि के ऑटोमेशन के लिए 12 मॉड्यूल बनाने थे। पिछले वर्ष अक्टूबर में विवि प्रशासन की तरफ से जानकारी दी गई थी कि मॉड्यूल पर काम चल रहा है, लेकिन डाटा नहीं होने से मॉड्यूल का काम अटका रहा। विवि में नये कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय के आने के बाद नैक की तैयारी शुरू हुई, जिसमें सभी विभागों से डाटा लेकर ऑटोमेशन का काम तेज किया गया है। विवि के सूत्रों ने बताया कि ऑटोमेशन के तहत सभी कॉलेजों को विवि के तय एजेंसी से ही अपनी वेबसाइट बनानी थी, लेकिन कुछ कॉलेजों ने खुद से ही अपनी एजेंसी तय कर वेबसाइट तैयार करा ली।

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