
एटीएम काटने वालों का सूबे के कई जिलों में फैला है नेटवर्क
मुजफ्फरपुर में एटीएम काटकर कैश चोरी करने वाले गैंग का नेटवर्क कई जिलों में फैला है। पुलिस ने पुराने मामलों की जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की पहचान की जा रही है। हाल ही में हुई चोरी में कार के नंबर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एटीएम काटकर कैश उड़ाने वाले गैंग का कई जिलों में नेटवर्क फैला हुआ है। सारण, पूर्वी चंपारण और पटना के तीन गैंग मुजफ्फरपुर में पूर्व से सक्रिय रहे हैं। पुराने शातिरों का लोकेशन पुलिस ले रही है। कच्ची पक्की में एटीएम काटने की घटना में पुलिस को कार का नंबर मिला है। यह नंबर बिहार का ही है। इसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। एटीएम काटने के बाद कार से भागे शातिरों का एक टोल प्लाजा से पुलिस को नंबर मिला है। उस नंबर के आधार पर पड़ोस के एक जिले में सिटी एसपी कोटा किरण के नेतृत्व में छापेमारी चल रही है।

सारण से इस कांड का तार जुड़ रहा है। सफेद कार उसी दिशा में भागी है। मिठनपुरा थाना के क्लब रोड में तीन साल पहले एटीएम काटने के लिए गैस कटर के साथ तीन शातिर पहुंचे थे। वे एटीएम में प्रवेश ही किए थे कि सारन बज गया था। स्थानीय लोग के जुटने पर तीन गैस कटर के साथ पकड़े गए। तीनों पटना के शातिर थे। रेवा रोड में सदर थाना के यादव नगर और सरैया में एक ही रात में बीते साल जुलाई में एटीएम काटकर 52 लाख रुपये चोरी कर लिए गए थे। इसमें भी सफेद कार से छपरा की ओर से शातिर पहुंचे थे। रुपये चोरी करने के बाद शातिर छपरा की ओर निकल गए। तत्कालीन सिटी एसपी उपेंद्र वर्मा ने सरैया में एटीएम काटने वाले गैंग से जुड़े मोतिहारी के चार शातिरों को गिरफ्तार किया था। एटीएम में घुसे शातिरों की जानकारी मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा था। इस तरह पटना, छपरा और मोतिहारी का गैंग एटीएम काटने में चिह्नित हैं। तुर्की में इस साल अगस्त महीने में एटीएम उखाड़ाकर चोर ले गए थे। दो दिनों बाद छपरा में कटा हुआ एटीएम मिला था। तुर्की की घटना के तार भी सारण से जुड़े हुए हैं। पुराने कांडों की भी समीक्षा कर रहे सिटी एसपी : मुजफ्फरपुर में एटीएम काटकर कैश चोरी की 10 घटनाएं हुई हैं। पुराने कांडों में की गई पुलिस छानबीन की फाइल सिटी एसपी ने सदर, अहियापुर, करजा और सरैया थाने से मांगी है। सदर थाने की पुलिस ने रेवा रोड में आईसीआईसीआई बैंक की एटीएम काटकर 18 लाख चोरी के मामले में आधा दर्जन संदिग्धों को चिह्नित किया था। लेकिन, संदिग्धों पर पुलिस दबिश नहीं बन पाई थी। कांड पुराना होने के साथ केस की फाइल दब गई थी। उन सभी संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी में जुटी है। बयान : एटीएम काटकर कैश चोरी की घटना में इस्तेमाल की गई कार का नंबर पता चला है। इसके आधार पर छानबीन की जा रही है। इस तरह का गिरोह वारदात को अंजाम देने से पहले कार का नंबर प्लेट बदल लेते हैं। इसको भी ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। कुछ लीड मिला है, जिसके आधार पर छापेमारी की जा रही है। -कोटा किरण कुमार, सिटी एसपी पुलिस के मोबाइल नंबर बदलने के कारण विलंब से मिली सूचना : कच्ची पक्की में एटीएम काटने के लिए शातिर शनिवार तड़के करीब 3.08 बजे कार से पहुंचे। एटीएम काट कर चोर 3.24 मिनट पर कार से निकल गए। एटीएम की सीसीटीवी की मॉनिटरिंग कर रही निजी एजेंसी के कर्मियों ने 3.26 मिनट पर पुलिस को कॉलकर सूचना दी। 3.30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। इस तरह एटीएम काटकर चोर के निकलने के छह मिनट बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। सिटी एसपी ने बताया कि तेज रफ्तार कार से भागने के लिए छह मिनट काफी थे। निजी एजेंसी यदि पहले सूचना देते तो आसानी से चोरों को घेरा जा सकता था। बताया कि एजेंसी के कर्मियों के पास पुलिस अधिकारियों के पुराने नंबर थे। बीते दिनों सभी पुलिस अधिकारियों को नए नंबर मिले हैं। अधिकारियों को मिले नए नंबर नेट से तलाशने के कारण एजेंसी कर्मियों को सूचना देने में विलंब हुआ।

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