
एआई तकनीक से होगी सफाई, ट्रैफिक से पार्किंग तक की निगरानी
मुजफ्फरपुर नगर निगम नए साल में एआई आधारित स्मार्ट निगरानी सिस्टम शुरू करने की योजना बना रहा है। यह सिस्टम सड़क पर गड्ढे, कचरा, जलजमाव, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और अन्य समस्याओं की तुरंत पहचान करेगा। इससे शहर में सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन में सुधार होगा।
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। एआई तकनीक से शहर के चप्पे-चप्पे पर हर व्यवस्था की 24 घंटे निगहबानी होगी। सड़क पर बने गड्ढ़े, कचरा, जलजमाव, ट्रैफिक सिस्टम, सुरक्षा से लेकर पार्किंग स्थल तक रडार पर रहेंगे। इसको लेकर नगर निगम नए साल में एआई आधारित नया स्मार्ट निगरानी सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। स्मार्ट निगरानी सिस्टम में एआई समस्याएं खुद चिन्हित होंगी। टूटी स्ट्रीट लाइट, सड़क पर गड्ढ़े-दरार, खराब ट्रैफिक सिग्नल, कूड़ा, डस्टबिन की स्थिति, अवैध स्टॉल, अवैध पार्किंग व होर्डिंग, मेनहोल, फुटपाथ, कर्बस्टोन की क्षति, सड़क पर आवारा पशु की मौजूदगी आदि की तुरंत पहचान हो सकेगी। फिर समस्या जीपीएस लोकेशन के साथ सीधे डैशबोर्ड पर पहुंचेगा और विभागों को रीयल-टाइम अलर्ट से तेजी से समाधान संभव होगा।
इसके अलावा वेंडिंग जोन और पार्किंग व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होगा। वेंडिंग जोन प्रबंधन के तहत अवैध स्टॉल की ऑटोमेटिक पहचान होगी। साथ ही वेंडिंग जोन से बाहर दुकान लगाने पर निगम को तत्काल अलर्ट मिलेगा। इससे शीध्र कार्रवाई हो सकेगी। सड़कों पर भीड़ कमेगी और राहगीरों की सुरक्षा बढ़ेगी। महंगी पड़ेगी गलत दिशा में ड्राइविंग सड़कों पर यातायात नियमों के उल्लंघन की एआई स्वत: पहचान करेगा। बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के ड्राइविंग और गलत दिशा में वाहन चलाने अथवा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से बात करने जैसी गलती को छिपाना मुश्किल होगा। बस स्टॉप, नो पार्किंग जोन या चौराहों पर अवैध पार्किंग, ट्रिपल राइडिंग या अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। डैशकैम से होगा डेटा संग्रह एआई द्वारा डैशकैम से जरिए लगातार डेटा का संग्रह किया जाएगा। एक ही वीडियो में कई समस्याओं की ऑटोमेटिक टैगिंग होगी। डैशबोर्ड की मॉनिटरिंग के साथ रियल टाइम अलर्ट मिलेगा। क्षेत्रवार हीटमैप और विश्लेषण भी हो सकेगा। होंगे अहम फायदे : 1. सार्वजनिक स्थान महिलाओं व बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित होंगे। 2. जाम व अवरोध की तत्काल पहचान से आपात स्थितियों में राहत तेज 3. पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी। आवागमन सुरक्षित व सुविधाजनक होगा। 4. सड़क हादसों में कमी, अंधेरे क्षेत्रों में लाइट की खराबी तुरंत ठीक होगी। 5. जाम व अन्य अवरोध की तत्काल पहचान से आपात स्थितियों में राहत तेज होगा। बयान: एआई आधारित निगरानी प्रणाली से शहर की समस्याओं का समाधान पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगा। यह मुजफ्फरपुर को एक आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ, अनुशासित, तकनीक सक्षण और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। - विक्रम विरकर, नगर आयुक्त

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