मुजफ्फरपुर में अब एआई खोजेगा ‘ईशान’ जैसे बच्चे! प्रतिभा पहचानने की नई पहल शुरू!
मुजफ्फरपुर में सीबीएसई स्कूलों में 'तारे जमीं पर' के ईशान जैसे डिस्लेक्सिया पीड़ित बच्चों को सक्षम बनाने के लिए एआई का उपयोग किया जाएगा। 27 अक्टूबर से स्कूलों में शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी....

स्कूलों में 'तारे जमीं पर' के ईशान जैसे बच्चे खोजे जाएंगे। एआई की मदद से ये बच्चे सक्षम बनाए जाएंगे। डिस्लेक्सिया पीड़ित बच्चों की पढ़ाई के लिए सीबीएसई स्कूलों में विशेष पहल की गई है। सभी स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों को इसके लिए ट्रेनिंग मिलेगी। देशभर के सीबीएसई स्कूलों में 27 अक्टूबर से इसकी शुरुआत होगी। सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक इन बच्चों की पहचान से लेकर इन्हें पढ़ाने में एआई का उपयोग करना सीखेंगे।
सीबीएसई के प्रशिक्षण निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने इसे लेकर सभी स्कूल के प्राचार्य को निर्देश दिया है। ट्रेनिंग के बाद इन शिक्षकों का मूल्यांकन भी किया जाएगा। इसमें 70 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है। 70 फीसदी अंक लाने वाले शिक्षकों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। ट्रेनिंग हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में होंगे।
इनमें सांकेतिक भाषा के एक्स्पर्ट्स भी रहेंगे। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डिस्लेक्सिया को समझने, कक्षाओं में अभिव्यक्ति, इससे प्रभावित छात्रों की जांच करना बताया जाएगा। इसके बाद सीखने की शैली और उसके अनुसार विषयों के पाठ को कैसे बनाया जाए, इसके बारे में बताया जाएगा।
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