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ट्रेनिंग खत्म होने के बाद भी शिक्षकों को नहीं किया जा रहा विरमित

टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में शिक्षकों की ट्रेनिंग के नाम पर मनमानी की जा रही है। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद भी शिक्षकों को कॉलेज से विरमित नहीं किया जा रहा है। ट्रेनिंग कॉलेजों की इस मनमानी के विरोध में शिक्षक गुरुवार को आरडीडीई से मिलने पहुंचे। शिक्षकों ने कहा कि अगर आरडीडीई ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो हम तीन जून से आंदोलन करेंगे। इसकी शुरुआत आरडीडीई कार्यालय से ही होगी। शिक्षक आमरण अनशन पर बैठेंगे। परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर व्रजवासी ने कहा कि पताही, पौखरैरा, चंदवारा, रामबाग में दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन की ट्रेनिंग कराई जा रही है। प्रशिक्षु शिक्षकों की ट्रेनिंग समाप्त हो चुकी है। बावजूद उन्हें विरमित नहीं किया जा रहा है। 200 की जगह 280 दिनों की कर चुके हैं ट्रेनिंग: शिक्षकों ने आरोप लगाया कि एनसीटीई के तहत 200 दिन कक्षा की अनिवार्यता रखी गई है। जबकि यहां प्रशिक्षु शिक्षक 280 दिनों की ट्रेनिंग कर चुके हैं। विरमित नहीं करने के पीछे पैसे का खेल है। शिक्षकों ने आरडीडीई से शिकायत की कि बाकी जिले में सत्र 2015-17 के शिक्षकों की ट्रेनिंग खत्म हो चुकी है। उन्हें विरमित भी कर दिया गया है। जबकि यहां पैसे के खेल की वजह से शिक्षकों को रोका गया है। कक्षा नहीं करने वाले शिक्षकों से मोटी रकम की उगाही की जाती है। शिक्षकों ने अन्य जिले में ट्रेनिंग खत्म होने के बाद विरमित किए जाने का साक्ष्य भी आरडीडीई के सामने रखा। आरडीडीई शौकत जहां ने शिक्षकों को इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित प्राचार्य से पहले इस मामले में जवाब मांगा जाएगा।

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  • Web Title:After the training is over, the teachers are not being disturbed