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हिंदी न्यूज़ बिहार मुजफ्फरपुरदो बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले की पंचायत में हुई थी पिटाई

दो बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले की पंचायत में हुई थी पिटाई

हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फरपुरNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 03:31 AM
दो बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले की पंचायत में हुई थी पिटाई

बेनीबाद ओपी की लदौर पंचायत के बलहा में दो मासूम की हत्या के बाद पिता की खुदकुशी मामले में परत-दर परत नये खुलासे हो रहे हैं। मामले में बुधवार को मृतक के भाई दिनेश राय ने बताया कि दीपक के ससुराल दरभंगा के कमतौल के हरिहरपुर में भरी पंचायत में पत्नी के सामने थूक चटवाया गया था। उसकी पिटाई की गई थी। उससे जबरन बांड भरवाया गया था। आरोप है कि पूरी घटना स्थानीय कमतौल थाने की पुलिस के सामने घटी थी। भरी पंचायत में जलील होने के कारण उसके भाई दीपक ने हताशा में अपने बच्चों की हत्या कर खुद फांसी लगा ली।

दूसरी ओर दरभंगा के कमतौल पुलिस व ससुराल वाले थूक चटवाने व मारपीट से इनकार किया है। कमतौल थाने के सअनि मंजीत सिंह ने पंचायत होने या जबरन बांड भरवाने से इनकार किया है। पुलिस व ससुर का कहना है कि दीपक ने शुक्रवार को अपने भाई के साथ थाने पर समझौते के लिए आने की बात कही थी।

गांव में मातमी सन्नाटा, पुलिस को आवेदन का इंतजार

घटना के दूसरे दिन बुधवार को दीपक के गांव में सन्नाटा पसरा रहा। शोक संतप्त परिवार काफी सदमे में दिखे। परिजन घटना का आरोप उसके ससुराल वाले व कमतौल पुलिस पर लगाते हुए उसे ही दोषी ठहरा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अबतक परिजन की ओर से थाना में कोई आवेदन नहीं दिया गया है। बेनीबाद पुलिस भी आवेदन के इंतजार में बैठी है।

भाई ने कहा, फोन पर दी थी पंचायत में जलील करने की जानकारी

मृतक दीपक राय के भाई दिनेश राय ने घर पहुंचने के बाद बताया कि दीपक ससुराल से लौटने के बाद उससे फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि कमतौल थाना की पुलिस के सामने उसे काफी जलील किया गया। भरी पंचायत में पत्नी के सामने उससे थूक चटवाया गया। ससुराल के लोग बगीचे में ले जाकर मारपीट भी की। इस दौरान उससे बांड पेपर पर जबरन दस्तखत भी कराया जब उसका फोटो लेना चाहा तो फोन छीनने लगे। इन सभी बातों को लेकर वह काफी सदमे में था। इसी के कारण उसने अपना परिवार खत्म कर लिया।

मां के पूछने पर कहा, जो हुआ वह लिख रहा है...

दीपक की मां चिंता देवी बेटे व पोता-पोती की मौत से सदमे में है। उसने रोते हुए बताया कि ससुराल से लौटने के बाद दीपक काफी दुःखी था। रात में खाना भी नहीं खाया था, जैसे ही खाने के लिए बैठा तो उसे उल्टी आने लगी व खाना छोड़ दिया। इसके बाद भतीजा से कलम डायरी मांग कर कमरे में कुछ लिखने लगा। बेटे की स्थिति देख वह चिंतित थी, जब दीपक से पूछा कि क्या लिख रहे हो तो बताया कि उसके साथ जो हुआ है वह लिख रहा है। इसके बाद वह कुछ नहीं बोला। बच्चों के साथ कमरा बंद कर लिया। सुबह जब दरवाजा तोड़ा गया तो दोनों बच्चे का शव बिछावन पर पड़ा था व दीपक की लाश फांसी के फंदे से लटक रही थी।

शादी के पूर्व संबंध का राज खुलने पर पत्नी ने की थी खुदकुशी का प्रयास

दीपक ने मरने से पहले जो आठ पन्ने का सुसाइड नोट लिखा। उसमें उसने लिखा है कि पूर्व संबंध के खुलासे के बाद उसकी पत्नी बबीता आत्महत्या का प्रयास की थी। उसने जहर खा लिया था। इलाज कराने पर वह स्वस्थ हुई। इसके बाद उसे ससुराल पहुंचा दिया। इस घटना को लेकर दीपक ससुराल वालों से बांड बनाकर सुरक्षित होना चाहता था जिसमें वह पत्नी को मानसिक रूप से बीमार बता रहा था।

क्या है मामला:::

गायघाट थाने के बेनीबाद ओपी के बलहा गांव में पत्नी व ससुराल वालों की प्रताड़ना से आहत दीपक राय अपने दो बच्चों की हत्या की, फिर फंदे से लटकर खुदकुशी कर ली थी। घटना सोमवार रात की है। मंगलवार सुबह दरवाजा तोड़कर शवों को निकाला गया था। दीपक राय (36) की लाश कमरे में फंदे से लटकी हुई थी जबकि उसकी बेटी वाणी (9) व पुत्र प्रियांश (6) की लाश बिछावन पर पड़ी थी। पास में आठ पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें पत्नी व ससुराल वालों पर प्रताड़ना का है। कई निजी बातें भी नोट में है। घटना से पहले दीपक ने वीडियो भी बनाया था जो वायरल हो रहा है।

दीपक के ससुर का आरोप, नशीली दवाओं का था आदी

- पुलिस की मौजूदगी में पंचायती होने की बात को भी नकारा

- बच्चों की कस्टडी पुत्री को दिये जाने से भी किया इनकार

कमतौल। संवाद सूत्र

बेनीबाद के बलहा में दो बच्चों की हत्या व खुदकुशी कर लिए जाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। सुसाइड नोट, वीडियो वायरल होने व घटना के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराये जाने को मृतक दीपक के ससुर कामेश्वर राय ने गलत बताया है।

उन्होंने दीपक के परिवार द्वारा पुलिस की मौजूदगी में पंचायती कर उसे जलील करने व उससे जबरन बांड बनवाकर बच्चों को छीने जाने को भी गलत बताया है। दीपक के ससुर का कहना है कि उनका दामाद नशीली दवा का सेवन करता था। असामाजिक तत्वों से सांठगांठ कर उनके पूरे परिवार को फंसा देने की धमकी देता था। बताया कि दामाद नई गाड़ी की भी मांग करता था। बबीता देवी को 16 अगस्त को हरिहरपुर गुमटी पर छोड़कर वह चला गया था। तब से उनकी पुत्री उनके साथ रह रही है। 17 अक्टूबर को उसके नाम का एक सौ रुपये का स्टाम्प पेपर दरभंगा न्यायालय से लेकर आया और मुझसे बोला कि इसपर मैं पूरा परिवार हस्ताक्षर कर दूं। उसमें लिखा था कि मेरी पुत्री मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इनकार करने पर दामाद ने धमकी दी थी कि यदि 25 अक्टूबर तक हस्ताक्षर नहीं किया गया तो मेरी पुत्री को वह सदा के लिए यहीं छोड़ देगा। साथ ही दोनों बच्चों को जान से मार देगा और आत्महत्या कर लेगा। 23 अक्टूबर को फोन पर गाली गलौज किया। फिर 25 अक्टूबर को जब दीपक पहुंचा तो मैंने पुलिस को फोन किया। पुलिस आयी तो उस वक्त दीपक और पड़ोस के दो-चार लोगों के अलावा परिवार के सदस्य मौजूद थे। इस दौरान कोई बांड नहीं बना। पुलिस ने बबीता को बुलाकर पूछताछ की। फिर दीपक से कहा कि लड़की तो स्वस्थ है। फिर पुलिस ने कहा कि यदि कोई विवाद है तो उसे दोनों पक्षों के लोग आपस में बैठकर सुलझा लें या फिर आप अपने परिवार के साथ आगामी शुक्रवार को थाने पर आए। इसपर दीपक ने भाई के बाहर से आने के बाद थाने पर आने की बात कही थी और चला गया था।

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