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चार हफ्ते बाद बच्चों की मौत का रुका सिलसिला

चार हफ्ते बाद बच्चों की मौत का रुका सिलसिला

उत्तर बिहार में लगभग चार हफ्ते बाद गुरुवार को चमकी-बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला तो थमा मगर नये मरीजों का आना जारी रहा। एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में कुल मिलाकर नौ बच्चों को भर्ती किया गया है।

एसकेएमसीएच में इलाजरत 21 बच्चों में छह की स्थिति काफी गंभीर है। इधर, मौत रुकने के बाद भी सरकार ने अभी सभी स्वास्थ्य अधिकारियों व डॉक्टरों को अलर्ट रहने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम एसकेएमसीएच के पांच पीआईसीयू में बेहतर इलाज कर रही है। स्थानीय डॉक्टरों को टीम के प्रोटोकॉल पर काम करना होगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। चमकी बुखार से पीड़ित नौ नये मरीजों में से एसकेएमसीएच में आठ व केजरीवाल अस्पताल में एक को भर्ती किया गया। 27 जून तक एईएस से 180 बच्चों की जानें जा चुकी हैं। जबकि 560 मामले सामने आ चुके हैं। इधर, एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ. एसके शाही व जिला प्रशासन ने अपने बुलेटिन में दिन में केवल दो बच्चे के ही भर्ती होने की बात कही। देर शाम तक अपडेट रिपोर्ट जारी होगी। अधिकारियों के अनुसार जनवरी से अबतक 605 बच्चे बीमारी से ग्रसित हुए हैं। उनके अनुसार 132 की ही जान गई है। इसमें एसकेएमसीएच में 111 व केजरीवाल अस्पताल में 21 बच्चों की मौत हुई है।

शुभम तीसरी बार भर्ती :कटरा के विशम्भरपुर खान बेरई के छह वर्षीय शुभम कुमार गुरुवार को तीसरी बार चमकी व तेज बुखार की शिकायत पर एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया। उसके चाचा सत्यनारायण राम ने बताया कि डेढ़ माह में उसके बच्चे को तीसरी बार चमकी की समस्या हुई है। अस्पताल में ठीक हो जा रहा है। इसके सप्ताह भर बाद फिर बीमार पड़ जा रहा है। तीसरी बार अस्पताल आये हैं। इस बारे में अधीक्षक ने बताया कि डॉक्टरों की टीम काम कर रही है। बच्चा भर्ती हुआ है उसकी पूरी जांच कर बीमारी का पता लगाया जाएगा। हो सकता है बच्चे में दूसरी बीमारी हो।

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