वाहन की ठोकर से माली की मौत, विरोध में एनएच जाम
गायघाट, एक संवाददाता। मेडिकल ओवरब्रिज के समीप एक अनियंत्रित वाहन ने माली सुबोध कुमार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-27 को जाम कर दिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम हटवाया। सुबोध का शव आने पर परिजनों ने फिर से प्रदर्शन किया और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।

गायघाट, एक संवाददाता। अहियापुर थाना क्षेत्र के मेडिकल ओवरब्रिज के समीप मंगलवार सुबह एक अनियंत्रित वाहन ने एनएच पर लगे पौधों की कटिंग कर रहे माली को कुचल दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने घायल गायघाट थाना क्षेत्र के मैठी गांव निवासी राम एकबाल राम के 30 वर्षीय पुत्र सुबोध कुमार को एसकेएमसीएच पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया।
घटना का प्रतिरोध
वहीं, इस घटना से आक्रोशित सुबोध के परिजनों व ग्रामीणों ने एनएच-27 को मैठी टोल प्लाजा के पास जाम कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे गायघाट थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम हटवाया। जाम करीब 15 मिनट तक रहा। इससे एनएच पर आवागमन थोड़ी देर के लिए बाधित हो गया।
काम का विवरण
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुबोध पिछले करीब दस वर्षों से एनएच-27 पर माली का काम करता था। घटना के समय वह मेडिकल ओवरब्रिज के पास एनएच पर लगे पौधों की कटिंग कर रहा था। इस दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने रेलिंग पार करते हुए उसे कुचल दिया। इससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि हादसे से करीब एक घंटे पहले ही सुबोध की बुआ का निधन हुआ था। वह काम समाप्त कर उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने वाला था।
पुलिस की प्रतिक्रिया
मामले में गायघाट थानेदार राकेश कुमार ने बताया कि मेडिकल के पास वाहन की ठोकर से एनएच पर माली का काम करने वाले एक युवक की मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर मैठी टोल प्लाजा के पास एनएच-27 को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने लोगों को समझाकर शांत करा जाम समाप्त कराया। मामले में आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शव के आने के बाद प्रदर्शन
शाम में शव आने के बाद फिर किया प्रदर्शन : सुबोध का शव पोस्टमार्टम के बाद शव में गांव पहुंचा। शव के आते ही आक्रोशित परिजन उसको लेकर सीधे मैठी टोल प्लाजा पहुंचे। यहां एनएचएआई के कार्यालय के सामने शव के साथ उसको लेकर आने वाली एम्बुलेंस खड़ी कर दी और दिया और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद सुबोध जिस एजेंसी के लिए काम करता था, उसके डीपीएम रंधीर कुमार ने परिजन को डेढ़ लाख रुपये सहायता देने को तैयार हुए, लेकिन परिजन नहीं माने। वे बीस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े थे। देर रात तक शव को एनएचएआई कार्यालय के बाहर रख परिजन प्रदर्शन कर रहे थे।
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