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देश में 55 फीसदी किशोरियां एनीमिया से प्रभावित

भारत में करीब 55 फीसदी किशोरियां एनीमिया से प्रभावित हैं। यह विश्व के अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक है। यह न केवल गंभीर स्वास्थ्य समस्या है बल्कि इससे देश की आर्थिक प्रगति भी व्यापक तौर पर प्रभावित होती है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में शुक्रवार को ‘किशोरियों में एनीमिया का प्रचलन विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विभागाध्यक्ष डॉ. रेणु कुमारी ने उक्त बातें कहीं। ललित नारायण मिथिला विवि, दरभंगा के गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मला झा ने कहा कि यह बीमारी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होती है।

पूर्व अध्यक्ष डॉ. इशा सिन्हा ने एनीमिया के लक्षण, प्रभाव और बचाव के उपाय के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि जागरूकता बढ़ाकर एनीमिया से बचा जा सकता है। डॉ. नीलू सिन्हा ने एनीमिया से बचने के लिए स्वच्छ भोजन, पौष्टिक भोजन व आयरन की मात्रा बढ़ाने की बात कही। इसके लिए बेर, करौंदा, आम, नीबू, आंवला व आयरन गोली के सेवन की सलाह दी। मौके पर डॉ. संगीता रानी, डॉ. किरण उपाध्याय, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. बीआर सुधा, डॉ. कुसुम कुमारी, डॉ. नीता शर्मा व डॉ. रंजना मल थी।

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  • Web Title:55 percent of adolescent girls affected by anemia