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हर क्षेत्र में महिलाओं को मिले 50 प्रतिशत आरक्षण

हर क्षेत्र में महिलाओं को मिले 50 प्रतिशत आरक्षण

आधी आबादी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। ऐसे में उन्हें हर क्षेत्र में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। आज की नारी को बराबरी के दर्जे के साथ समान अधिकार भी चाहिए। उन्हें भी अपने फैसले लेने की आजादी चाहिए। महिलाओं के शोषण व अत्याचार की कहानी खत्म होनी चाहिए। उन्हें सुरक्षा के साथ कानूनी अधिकारों की जानकारी भी मिलनी चाहिए। चुनाव में आधी-आबादी अब केवल मतदान ही नहीं करेंगी बल्कि सही प्रतिनिधि को भी चुनेंगी।

अपने अभियान ‘आओ राजनीति करे, अब नारी की बार के तहत सोमवार को हिन्दुस्तान‘ की टीम कोर्ट परिसर पहुंची। यहां एक मिनट कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने महिलाओं के हक में कई मुद्दों को उठाया और उनको अधिकार के प्रति जागरूकर करने की वकालत की। इस दौरान सबने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज की मानसिकता बदलनी चाहिए। महिलाओं को शत-प्रतिशत साक्षर किया जाना चाहिए। रोजगार व वेतन में पुरुषों के समान ही अवसर मिलना चाहिए।

कहा कि परिवार व समाज का ऐसा माहौल बनाया जाए कि महिलाएं जुल्म के खिलाफ खुद खड़ी हों। पीड़िता को हर तरह की मदद दी जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। तब ही वे असुरक्षा की भावना से उबर सकेंगी। कहा कि महिला सशक्तीकरण के तमाम प्रयासों के बावजूद अभी समाज में महिलाओं की बड़ी आबादी हाशिये पर है। महिलाओं को हर क्षेत्र में आजादी मिलनी चाहिए।

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अधिवक्ताओ ने बेबाकी से रखी बात

1. हर क्षेत्र में महिलाएं सफलता का परचम लहरा रही हैं। अब राजनीति में भी उनकी व्यापक भागीदारी होनी चाहिए। उन्हें हर क्षेत्र में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलनी चाहिए। उनके सुरक्षा के इंतजाम भी होने चाहिए।

-रंजना सिंह, अधिवक्ता

2. महिला अगर मुखिया व पार्षद बन जाती हैं तब भी उनके पति ही सभी निर्णय लेते हैं। महिलाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए। निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी समान अधिकार मिले।

-आशा सिन्हा, अधिवक्ता

3. महिलाओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। तभी वे खुलकर अपनी जिंदगी जी सकेंगी व तरक्की करेंगी। बेटी के जन्म पर खुशी मनाया जाना चाहिए। बाल विवाह व दहेज प्रथा पर पूरी तरह रोक लगे।

-पूनम कुमारी, अधिवक्ता

4. हर महिला को सशक्त होना चाहिए। इसके लिए वे सबसे पहले अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएं व न कहना सीखें। चुप्पी तोड़ने वाली महिलाओं को पूरा समर्थन मिले। उन्हें कानून की भी जानकारी दी जाए।

-बीके लाल, एडवोकेट एसोसिएशन अध्यक्ष

5. महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है। महिला के साक्षर होने से ही परिवार व समाज साक्षर बन सकेगा। उनको आरक्षण के लाभ के साथ प्रतिभा दिखने का मौका मिले। अन्याय के खिलाफ खुद आगे आएं।

-अशोक कुमार, वरिय अधिवक्ता

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  • Web Title:50 percent reservation for women in every area