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वाल्मीकिनगर में हिरण और बारहसींगा के 28 सींग और नेपाली तस्कर का नाव जब्त

वाल्मीकिनगर में हिरण और बारहसींगा के 28 सींग और नेपाली तस्कर का नाव जब्त

इण्डो-नेपाल सीमा पर स्थित झण्डहवा टोला बीओपी के एसएसबी जवानों ने शुक्रवार अहले सुबह तेलफाल घाट पर नेपाली वन तस्करों से नाव सहित हिरण के सींग व बेत की एक बड़ी खेप बरामद किया। तस्कर गंडक नदी में कूदकर भागने में सफल रहे। सीमा चौकी के उपनिरीक्षक मुकेश कुमार मीना ने बताया कि नेपाली वन तस्कर हिरण की 16 सींग व 28 बंडल बेत भारतीय क्षेत्र से नाव द्वारा गंडक नदी के रास्ते नेपाल ले जा रहे थे। गुप्त सूचना पर एसएसबी जवानों ने घेराबंदी की। खुद को फंसता देख तस्कर वन्य उत्पाद व नाव छोड़कर नदी में कूद गये और नेपाल की ओर भाग निकले। बरामद हिरण की सींगों की कीमत 14 लाख 40 हजार, बेत की कीमत 56 हजार व नाव की कीमत एक लाख रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार में आंकी गई है। दूसरी ओर, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज सीमा चौकी के सशस्त्र सीमा बल 21वीं वाहिनी ए कम्पनी के जवानों ने शुक्रवार अहले सुबह सोनभद्र नदी के तट पर कालेश्वर मंदिर के समीप छापेमारी कर तस्करों के कब्जे से बारहसींगा की दो सींग बरामद की। सशस्त्र सीमा बल के सहायक सेनानायक देवेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि नेपाली वन तस्कर बारहसींगा की सींग बोरी में रखकर ले जा रहे थे। गुप्त सूचना पर एसएसबी जवानों की टीम ने घेराबंंदी की तो वन तस्कर सींग की बोरी को फेंक अंधेरे का लाभ उठाकर नाव से नेपाल की ओर भाग निकले। बरामद बारहसींगा की सींगों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है। जब्त वन्य उत्पाद को कोतराहा वन परिसर के हवाले कर दिया गया। छापेमारी अभियान का नेतृत्व सहायक सेनानायक देवेन्द्र उपाध्याय ने किया। उनके साथ एएसआई हंसराज, मुख्य आरक्षी अभय नन्द सिंह, संजय चौधरी, राजेन्द्र कुमार, विकास कुमार, परितोष घोष, मिथुन मंडल, अजय राज आदि जवान थे। वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के रेंजर आरके सिन्हा ने बताया कि वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत अज्ञात वन तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

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  • Web Title:28 horns of deer and barasinga seized in Valmikinagar