हथियार बरामदगी के 200 मामलों में अभियोजन स्वीकृति नहीं

Mar 01, 2026 05:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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तिरहुत रेंज के चार जिलों मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में हथियार बरामदगी से संबंधित 200 मामले अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित हैं। डीआईजी चंदन कुशवाही ने पुलिस कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक में शीघ्र स्वीकृति आदेश प्राप्त कर मुकदमा चलाने के निर्देश दिए। 98 पुलिस अधिकारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है।

हथियार बरामदगी के 200 मामलों में अभियोजन स्वीकृति नहीं

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। तिरहुत रेंज के चार जिले मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले में हथियार बरामदगी से संबंधित 200 मामले अभियोजन स्वीकृति आदेश के लिए लंबित चल रहे हैं। हथियार के साथ धराए आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा शुरू नहीं हो पा रहा है। डीआईजी चंदन कुशवाही ने शनिवार को चारों जिले के पुलिस कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें आए इस तथ्य के आधार पर डीआईजी ने हथियार बरामदगी के मामलों में शीघ्र स्थानीय डीएम से स्वीकृति आदेश प्राप्त कर न्यायालय में समर्पित करने को कहा, ताकि आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाकर फैसला सुनाया जा सके। डीआईजी ने स्वीकृति आदेश मिलने के बाद स्पीडी ट्रायल चलवाने का भी निर्देश दिया।

मासिक समीक्षा बैठक में लंबित कांडों के निष्पादन, अपराध नियत्रंण व विधि-व्यवस्था संधारण को बेहतर करने आदि बिंदुओं पर निर्देश दिया गया। डीआईजी ने बताया है कि समीक्षा में सामने आया कि बीते जनवरी में तिरहुत के चारों जिले में 3262 आपराधिक मामले थानों में दर्ज हुए, जबकि पहले से लंबित 4039 मामलों का निष्पादन किया गया। सीसीटीएनएस पोर्टल पर निष्पादित कांडों का आरोप पत्र व अंतिम प्रपत्र अपलोड कराने का निर्देश दिया गया। रेंज में लंबित 7493 ई-सम्मन के अविलंब निष्पादन का निर्देश दिया गया। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों के आरोपितों का ई-डोजियर खोलने और इसमें उनके सगे-सम्बंधियों, जमानतदारों, आश्रयदाताओं की पूर्ण विवरणी अंकित कराने के लिए कहा गया। 98 आईओ पर होगी कार्रवाई : समीक्षा में पाया गया कि चारों जिले में 98 पुलिस अधिकारियों ने चार से कम कांडों का निष्पादन किया है। इसमें पांच के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है तथा शेष 93 पर भी विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया गया। जिला की सभी शाखाओं की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) व माह में एक बार स्वयं अपने स्तर से भी किया जाए। मेडिकल रिपोर्ट के लिए 2112 केस लंबित : तिरहुत क्षेत्र के जिलों में बिसरा जांच के लिए 78, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए 279 व जख्म प्रतिवेदन के लिए 2112 मामले लंबित है। सभी पुलिस अधीक्षकों को एफएसएल व सीएस से समन्वय बना रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया। स्पीडी ट्रायल में साक्षियों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग प्रतिदिन पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपाधीक्षक स्तर पर की जाएगी। होली में कुख्यातों पर सीसीए की बनी रणनीति : होली व ईद को लेकर विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु कुख्यातों पर सीसीए की कार्रवाई का निर्देश दिया। जेल से अपराध को अंजाम दिलवा रहे शातिरों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सीसीए 12 की कार्रवाई के लिए डीआईजी ने चारों जिले के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया। गुंडा पंजी में शामिल असमाजिक तत्वों पर रोधात्मक कार्रवाई कर प्रतिबंधित कराने, सवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर दंडाधिकारी की तैनाती निर्देश दिया गया ।

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