100 Crore Project for Kadane River Restoration in Muzaffarpur कदाने की 100 करोड़ से होगी उड़ाही, जलनिकासी के हल की उम्मीद, Muzaffarpur Hindi News - Hindustan
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कदाने की 100 करोड़ से होगी उड़ाही, जलनिकासी के हल की उम्मीद

मुजफ्फरपुर में कदाने नदी के जीर्णोद्धार के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बुडको को सफाई और गाद उड़ाही की जिम्मेदारी दी गई है। इससे जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा। नदी की सफाई से जलजमाव...

Newswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुरSun, 31 Aug 2025 06:17 PM
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कदाने की 100 करोड़ से होगी उड़ाही, जलनिकासी के हल की उम्मीद

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। कदाने नदी की करीब 100 करोड़ रुपये से उड़ाही होगी। इसके तहत कदाने नदी की सफाई के साथ ही गाद की उड़ाही कर गहराई बढ़ाई जाएगी, ताकि शहर की जलनिकासी की समस्या का स्थायी निदान हो सके। इस काम की जिम्मेवारी बुडको को दी गई है। विशेषज्ञों की टीम के तीन बार सर्वे और तकनीकी जांच के बाद बुडको की ओर से तैयार डीपीआर केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय को भेजी गई है। पूर्व में जलशक्ति मंत्रालय की टीम ने भी संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया था। दरअसल, शहर के बड़े हिस्से का पानी फरदो नाला के जरिए कदाने नदी में गिरता है।

हालांकि, वर्तमान में नदी में मिट्टी-गाद भरी होने के कारण पानी अटकता है। इससे जलनिकासी में देरी या बाधा आने से विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या होती है। नदी की सफाई के बाद आसानी से जलनिकासी होने से शहर के बड़े इलाके को जलजमाव से राहत मिलेगी। यह पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगा। शहर का सबसे बड़ा 6.267 किमी लंबा फरदो नाला कल्याणी से शुरू होकर खबड़ा होते कदाने नदी तक जाता है। अमूमन फरवरी में सूख जाती है नदी पहले कदाने नदी बूढ़ी गंडक से जुड़ा था। इसमें सालोंभर पानी रहता था। वर्तमान में बूढ़ी गंडक से जल प्रवाह रुक जाने से यह पूरी तरह बरसाती नदी में तब्दील हो चुकी है। जानकारों के मुताबिक करीब चार दशक पहले तक इस नदी में पानी का बहाव दिखता था। संबंधित इलाके में हजारों एकड़ जमीन की सिंचाई होती थी। मिट्टी व गाद भरने के बाद नदी की गहराई कम होने से हर साल अमूमन फरवरी में ही नदी सूख जाती है। फिर मानसून आने के बाद पानी आता है। सरायरंजन में नून-बलान में होता है मिलान दरअसल, कदाने नदी सरैया से मड़वन, कुढ़नी, सकरा होकर दक्षिण दिशा में सरायरंजन (समस्तीपुर) के अरमौली गांव स्थित नून व बलान नदी में जाकर मिल जाती है। इसकी लंबाई करीब 60 किमी और चौड़ाई 150 मीटर तक है। बयान : कदाने नदी के जीर्णोद्धार की योजना पर काम हो रहा है। इसकी डीपीआर मंत्रालय को मिल गई है। जल्द ही निर्णय होगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व में मंत्रालय की टीम स्थल निरीक्षण कर तकनीकी अध्ययन कर चुकी है। - डॉ. राजभूषण चौधरी, केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री न्यूमेरिक : 60 किलोमीटर है कदाने नदी की लंबाई 150 मीटर तक है नदी की चौड़ाई 100 करोड़ जीर्णोद्धार पर होंगे खर्च

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