बिहार में अमृत भारत का इंजन फेल हुआ तो सप्तक्रांति का इंजन लगा भेजा हैदराबाद, लेट से पहुंची ट्रेन
चर्लपल्ली (हैदराबाद) जाने वाली 15493 अमृत भारत एक्सप्रेस का इंजन मंगलवार को मुजफ्फरपुर स्टेशन पर फेल हो गया। लोको पायलट ने इंजन को ठीक करने की काफी कोशिश की लेकिन जब इंजन ठीक नहीं हुआ तो उसमें सप्तक्रांति एक्सप्रेस का इंजन लगा रवाना किया गया।

बिहार में अमृत भारत ट्रेन का इंजन फेल हो गया तो सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन लगाकर उसे रवाना किया गया। दरअसल चर्लपल्ली (हैदराबाद) जाने वाली 15493 अमृत भारत एक्सप्रेस का इंजन मंगलवार को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर फेल हो गया। इसके बाद आनन-फानन में डाउन 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट का इंजन जोड़कर ट्रेन को चर्लपल्ली के लिए रवाना किया गया। इसके कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय से 2.11 घंटे लेट हो गई। मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली 15293 अमृत भारत एक्सप्रेस सुबह 11.25 बजे खुलनी थी। लेकिन, तकनीकी कारणों से रेलवे ने पहले ही इसे 1.35 घंटे री-शेड्यूल कर दोपहर एक बजे किया था। इस बीच ट्रेन प्लेटफॉर्म तीन पर खड़ी कह गई, लेकिन, इंजन में बिजली पास नहीं करने से प्रेशर नहीं बन रहा था। लोको पायलट के प्रयास के बावजूद प्रेशन नहीं बन सका।
इसके बाद तत्काल इसके इंजन को रैक से अलग कर डाउन सप्तक्रांति एक्सप्रेस के इंजन को जोड़कर परिचालन कराया गया। दोपहर 1.36 बजे चर्लपल्ली के लिए रवाना हो सकी। जानकारी हो कि एक सप्ताह में अमृत भारत एक्सप्रेस के साथ दूसरी तकनीकी खराबी है। इससे पहले गोरौल-भगवानपुर स्टेशन के पास ट्रेन में ब्रेक बाइंडिंग की घटना हुई थी। अचानक ब्रेक जाम होने से ट्रेन रुक गई थी और यात्रियों में आपाधापी मच गई थी। बार-बार हो रही खराबी से रेलवे के मेंटेनेंस पर सवाल उठ रहे हैं।
लेट चल रहीं 60% पैसेंजर ट्रेनें विशेष के फेरे 25 प्रतिशत घटे
आपको बता दें कि पूर्व मध्य रेल में मई 2026 में ट्रेनों के समय पालन में अप्रैल के मुकाबले गिरावट आई है। इसमें मेल एक्सप्रेस के साथ-साथ पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं। यह स्थिति तब है, जब स्पेशल ट्रेनों के फेरे 25% तक घट गए हैं। कोचिंग (यात्री ट्रेन) परफॉर्मेंस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का समय पालन अप्रैल के 78.86% से गिरकर मई में 75.33% रह गई, यानी 3.53% की गिरावट दर्ज की गई। इससे भी बुरा हाल पैसेंजर ट्रेनों का है। मई में सिर्फ 40.82% पैसेंजर ट्रेनें ही समय पर चलीं, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 44.73% था। मुजफ्फरपुर समेत पूमरे के क्षेत्राधिकार वाले स्टेशन से रोजाना औसतन 300 ट्रेनें खुलती हैं। ट्रेनों के लेट से चलने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों के लेट होने से महिलाओं और बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है।
पूमरे की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में ‘राइट टाइम स्टार्ट’ के मामले में भी पूमरे पिछड़ा है। अप्रैल में 75.05% मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर खुली थी, जो मई में घटकर 71.97% रह गई। पैसेंजर ट्रेनों में यह आंकड़ा 42.38% से गिरकर 38.92% पर आ गया। इसका असर ओरिजिनेटिंग स्टेशन से लेट खुलने वाली ट्रेनों पर भी दिखा। अप्रैल में 1075 ट्रेनें विलंब से खुली थीं, जबकि मई में यह संख्या बढ़कर 1200 हो गई। यानी इसकी संख्या में 125 ट्रेनों का इजाफा हुआ। वहीं, पूमरे क्षेत्राधिकार से खुलने वाली मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या 755 से बढ़कर 1016 हो गई है।
स्पेशल ट्रेनें घटीं, एलएचबी में बदलाव शून्य : मई में स्पेशल ट्रेनों के 514 फेरे लगे, जो अप्रैल के 539 फेरों से 25 कम हैं। पिछले साल मई में स्पेशल ट्रेनों ने 1889 फेरे लगाए थे। इसके मुकाबले इस बार 73% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, एलएचबी कोच लगाने के मामले में भी अप्रैल और मई दोनों में काम शून्य रहा। वितीय वर्ष 2025-26 में अब तक सिर्फ 16 जोड़ी ट्रेनों को एलएचबी में बदला गया है। मई में 93 कोच विभिन्न ट्रेनों में लगाए गए, जो अप्रैल से आधा दर्जन ज्यादा हैं।


