
बिहार चुनाव में बंट गए मुस्लिम वोटर; AIMIM ने दावा कर किन्हें ठहराया जिम्मेदार?
Bihar Vidhansabha Chunav Result: बिहार चुनाव नतीजे में महागठबंधन की करारी हार पर AIMIM का बड़ा बयान सामने आया है। एआईएमआईएम ने अपने बयान में कहा कि ऐसे नतीजे इसलिए देखने को मिले क्योंकि बिहार में मुस्लिम वोटर बंट गए।
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में भाजपा की अगुवाई वाला एनडीए प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहा है। भाजपा 92 सीटों पर तो जदयू 83 पर आगे चल रहे हैं। राजद 26 तो कांग्रेस 4 पर सिमटती दिख रही है। AIMIM ने फिर चौंकाने वाला प्रदर्शन करते हुए 6 सीटों पर बढ़त बना ली है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपने बयान में कहा कि ऐसे नतीजे इसलिए देखने को मिले क्योंकि बिहार में मुस्लिम वोटर बंट गए। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि राजद और कांग्रेस मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए जिम्मेदार हैं।

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने भाजपा की 'बी टीम' के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में कम से कम 7 सीटों पर जीत की उम्मीद जताई और कहा कि महागठबंधन की आरजेडी और कांग्रेस मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए जिम्मेदार हैं। हमारी पार्टी ने महागठबंधन में शामिल होने की पेशकश की थी। हमने तो महागठबंधन से केवल 6 सीटें ही मांगी थी। हमारे लिए बहुत बड़ी बात है कि हम इतनी सीटें जीत लेंगे।
एआईएमआईएम नेता ने आगे कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटर के बंट जाने के लिए राजद और कांग्रेस जिम्मेदार हैं। हमने उनके साथ लड़ने का ऑफर दिया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया। चुनाव के नतीजों को देख लीजिए पहले महाराष्ट्र में और अब बिहार में उन्होंने हमें बी टीम कहा और हार के साथ ही उनको अपमान का सामना करना पड़ा। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करके महागठबंधन ने बिहार चुनाव में बड़ी रणनीतिक भूल की।
वारिश पठान ने यह भी बताया कि कि बिहार के साथ ही महाराष्ट्र में महागठबंधन ने रणनीतिक भूल करते हुए 19 फीसदी मतदाता वर्ग वाले समुदाय को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। अब बिहार चुनाव के नतीजे आपके सामने हैं। हमारी स्थिति सीमांचल इलाकों में बहुत मजबूत है। बता दें कि सीमांचल में मुस्लिम आबादी का दबदबा है। गौरतलब है कि एआईएमआईएम ने बिहार विधानसभा चुनाव में 29 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें 24 सीटें तो सीमांचल क्षेत्र से ही आती हैं।



