DA Image
Sunday, December 5, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिहार मुंगेर बर्तन बाजार को धनतेरस का इंतजार, बड़े कारोबार की उम्मीद

बर्तन बाजार को धनतेरस का इंतजार, बड़े कारोबार की उम्मीद

हिन्दुस्तान टीम,मुंगेरNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 03:52 AM


बर्तन बाजार को धनतेरस का इंतजार, बड़े कारोबार की उम्मीद

मुंगेर। हिन्दुस्तान संवाददाता

दीपावली को लेकर बाजार की रौनक बढ़ने लगी है। कोरोना सक्रमण को लेकर काफी समय से बाजार में रौनक नहीं दिख रही थी। लेकिन अब दीपावली पर करोड़ों का बाजार होने की उम्मीद की जा रही है। दीपावली से पहले धनतेरस का बाजार सज रहा है। दुकानदार बर्तनों के नये स्टॉक मंगा चुके हैं। कुछ बर्तनों की दुकानें तो सजकर तैयार हो चुकी हैं। धनतेरस पर पांच से छह करोड़ रुपए के बर्तनों के बिकी की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा ज्वलेरी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में भी धनतेरस की तैयारी चल रही है।

गांधी चौक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक, चौक बाजार, सादीपुर, कौड़ा मैदान आदि जगहों पर धतेरस पर बर्तनों के बाजार सजते हैं। गांधी चौक पर अभी से दुकानें सज गई है। स्टील की बर्तनें चमचमा रही हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए पुराने बर्तनों के साथ नए डिजाइन के बर्तन भी मंगाए गये हैं। स्टील, कांसा, तांबा के साथ नॉन स्टिक बर्तनों को भी मंगाया गया है। दुकानदार हर वर्ग के पसंद एवं क्रय शक्ति को ध्यान में रखकर स्टॉक मंगाया है। डिनर सेट एवं किचन स्टैंड के साथ रोजमर्रा के समान पर बाजार का अधिक फोकस है। छठ पर्व पर उपयोग होने वाले बर्तनों को भी मंगाया गया है। कारोबारियों ने मुरादाबाद, बंगाल, मथुरा, दिल्ली, पटना सिटी आदि जगहों से बर्तन के स्टॉक मंगाए हैं।

ग्रामीण क्षेत्र से भी आते हैं खरीदार: धनतेरस पर दो दिनों तक बर्तन बाजार गुलजार रहता है। ग्रामीण क्षेत्र से भी लोग मंुगेर बर्तन की खरीदारी के लिए आते हैं। धनतेरस पर तो देर रात तक खरीदारी होती है। इस दिन स्थायी दुकानों के साथ ही कई अस्थायी बर्तनों की दुकानें खोले जाते हैं। बर्तन विक्रेताओं को धनतेरस का बेसब्री से इंतजार रहता है।

क्या कहते हैं कारोबारी: गांधी चौक स्थित बर्तन विक्रेता विनय कुमार, रविश साह आदि ने बताया कि कार्तिक माह में बर्तन की अधिक खरीदारी होती है। धनतेरस में बर्तन खरीदने की परंपरा है। लोग छठ पूजा को लेकर पीतल का बर्तन खरीदते हैं। साथ ही शादी-विवाह का सीजन शुरू होने को लेक लोग बर्तनों की खरीदारी करते हैं। कारोबारियों ने बताया कि अभी तांबा का बर्तन 15 सौ से 25 सौ रुपए प्रति किलो, पीतल 7 सौ से 2 हजार रुपए प्रति किलो तथा कांसा 850 रुपए से 25 सौ रुपए किलो तक बिक रहे हैं।

दीपावली को लेकर अखंड दीया विशेष रूप से बिकने की उम्मीद है। इसे पंखे के पास रखने से भी नहीं बुझता है। इसकी कीमत 350 से 900 रुपए प्रति पीस है। लक्ष्मी-गणेश की मर्तियां 400 रुपए से 3 हजार रुपए तक में उपलब्ध हैं। छठ पूजा को लेकर लोग पीतल की टोपिया वह हांडी खरीदते हैं। हांडी की कीमत 800 रुपए किलो, टोपिया 900 रुपए किलो, परात 750 रुपए किलो बिक रहा है। कारोबारियों ने बताया कि कोरोना के बाद दीपावी में बाजार में तेजी आएगी।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें