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18 जनवरी, 2021|9:07|IST

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नए कलेवर और रणनीति के साथ होगा आंदोलन

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जमालपुर | निज प्रतिनिधि

देश की लाइफ लाइन भारतीय रेल है। जितना रेल का विकास होगा, उतना ही देश का विकास संभव है। लेकिन बीजेपी टू की केंद्रीय सरकार आज भारतीय रेल को निजी कपंनी के हाथों में गिरवी रखने के लिए निजीकरण करने पर तुली है। जो भारतीय रेल मजदूर विरोधी नीति है।

इसे यूनियन कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह बातें ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन (ईआरएमयू), कोलकाता के केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्यजीत कुमार ने गुरुवार को वर्ष 2020 का आंदोलन मंथन और नए साल का आंदोलन रणनीति को लेकर आयोजित मंथन बैठक में कही। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष मो. बहावउद्दीन ने की। संचालन सचिव मनोज कुमार ने किया। केंद्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार देश की सरकारी सम्पत्ति को कॉरपोरेट के हाथों सौंपना चाहती है। कोरोना काल का बहाना बनाकर कॉरपोरेट के समर्थन में श्रम कानून में बदलाव लाकर 8 घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यिूटी कराना चाहती है। सेल, गेल, भेल, एयर इंडिया, बीएसएनएल और एयरपोट को निजी कंपनी के हाथों सुपुर्द कर दिया है। लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे। रेलकर्मियों के आंदोलन को जनांदोलन बनाया जाएगा। सचिव मनोज कुमार ने कहा कि कोरोना काल में जहां देश व दुनिया जुझ रही है, वहीं रेलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर भी भारतीय रेलवे की प्रोडक्शन को नीचे नहीं गिरने दिया।

रात-दिन एक करके उत्पादन क्षमता को बढ़ाया और लक्ष्य के अनुरुप प्रोडक्शन दिया। इस बीच कई रेलकर्मी कोरोना संक्रमित हुए और अपनी जान भी गवांए हैं। उन्होंने कहा कि नए साल में रेलवे निजीकरण के विरोध में आंदोलन को धारदार बनाया जाएगा। वहीं रेल इंजन कारखाना जमालपुर की डीजल पीओएच शॉप में इलेक्ट्रिक लोको पीओएच में तब्दील किया जाएगा। यह अफसोस की बात है कि जमालपुर कारखाने को मिला दस मेमू/ईएमयू वर्कलोड वापस हो गया है। लेकिन स्थानीय सांसद, मंत्री, सीएम, रेलमंत्री और पीएम को पत्राचार कर इस वर्कलोड को पुन: जमालपुर कारखाना किसी भी कीमत पर लायेंगे। ओमप्रकाश साह ने कहा कि देश की चुनिंदा 109 रेलमार्गो पर सरकार ने करीब 151 ट्रेनों का संचालन निजी कंपनी के हाथों सौंपी गयी है। वहीं कई स्टेशनों को भी निजीकरण किया जा रहा है। सरकार जब सत्ता में आयी थी तो कहा कि देश नहीं बिकने दूंगा और अब देश को बेचने का पूरा मन बना लिया है। इनकी कथनी और करनी में फर्क है। मौके पर अनिल प्रसाद, गोपाल जी, संजीव, अभिषेक, अभिमन्यु, संजय ओझा, रिजवान, टुनटुन, विपिन, मुकेश, प्रीतम, धर्मवीर, कृष्णा सहित अन्य मौजूद थे।

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