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22 जनवरी, 2021|10:04|IST

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गंगा पुल एप्रोच पथ में गाडर लगाने का काम हुआ शुरू

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मुंगेर रेल सह सड़क पुल के एप्रोच पथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेल सह सड़क पुल के एप्रोच पथ को ग्राउंड पर लाने के लिए 23 पिलर का निर्माण किया जाना है। इसमें 21 पिलर का निर्माण कर लिया गया है।

दो पिलर में जमीन और मकान की समस्या होने के कारण पिलर का निर्माण नहीं किया गया है। इसी कारण निर्मित पिलर को एक-दूसरे से प्रीकास्ट आई गाडर से जोड़ा जा रहा है। 17 नंबर पिलर पर मकान रहने के कारण और पिलर नंबर ए-वन का जमीन जिला प्रशासन द्वारा अधिग्रहण कर एनएचएआई को नहीं सौंपने के कारण पिलर से एक-दूसरे को जोड़ने का कार्य बीच में ही रुक सकता है। निर्माण एजेंसी के द्वारा एक-दूसरे पिलर पर तेजी से प्रीकास्ट आई गाडर जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। एप्रोच पथ के लिए जिस जगह पर पिलर का निर्माण किया जा रहा है। उन सभी रैयतों का पूर्व में जमाबंदी रद्द कर दिया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने हवेली खड़गपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज उद्घाटन के क्रम में घोषणा किए थे कि टोपोलैंड के रैयतों को भी मुआवजा दिया जाएगा। एप्रोच पथ के निर्माण के लिए टोपोलैंड का 14.44 हेक्टेयर जमीन लगभग 150 रैयतों से अधिग्रहण करना है। इसके लिए रैयतों का रैयतीकरण किया जा रहा है। तत्कालीन डीएम राजेश मीणा के द्वारा टोपोलैंड की समस्या का निदान कर लिया गया। एनएचएआई ने टोपोलैंड के रैयतों के मुआवजा राशि को स्वीकृत करते हुए जिला भू-अर्जन को राशि आवंटित कर दिया। टोपोलैंड के सात मौजा से जमीन को अधिग्रहण किया जाना है। भू-अर्जन विभाग के द्वारा पांच मौजे का प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया था। एनएचएआई ने पांच मौजा की स्वीकृति प्रदान करते हुए अधिग्रहण करने के लिए लगभग आठ करोड़ रुपया आवंटित कर दिया है। अचानक डीएम का तबादला होने के कारण नव पदस्थापित डीएम रचना पाटिल के द्वारा नए सिरे से पूरे मामले का अध्ययन किया जा रहा है। इसी कारण जमीन अधिग्रहण कर रैयतों को भुगतान करना जिला प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है।

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  • Web Title:The work of putting a train in the Ganga bridge approach path has started