The captive will now be literate by holding the letter door - अब मुंगेर जेल के कैदी होंगे साक्षर DA Image

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अब मुंगेर जेल के कैदी होंगे साक्षर

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मंडल कारा में बंद निरक्षर बंदी अक्षर की डोर पकड़ कर अब साक्षर होंगे। रविवार को मंडल कारा में जेल आईजी मिथिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया। इसका उद्घाटन जेल अधीक्षक जलज कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद जेल प्रशासन के द्वारा 25 निरक्षर कैदियों के बीच बापू की पाती, एक था मोहन नामक पुस्तक का वितरण किया गया। इन पुस्तकों को शिक्षा विभाग के द्वारा जेल प्रशासन को उपलब्ध कराया गया था। प्रथम पाली के तहत जेल में बंद 25 निरक्षर कैदियों को कैदी विजय यादव के द्वारा साक्षर बनाया जा रहा है।

कैदी को साक्षर बनाना है उद्देश्य : जेल आईजी ने मंडल कारा अधीक्षक को निरक्षर कैदियों को साक्षर बनाने के आदेश दिए हैं। जेल अधीक्षक का मुख्य उद्देश कैदियों को साक्षर बनाकर, उन्हें प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। शिक्षित होने पर ही कैदी जब के जेल से बाहर निकलेंगे। तो वह अपराध की दुनिया में दोबारा नहीं प्रवेश करेंगे। इसी कारण उन्होंने नियमित तौर पर शिक्षित कैदियों को 15 से 20 निरक्षर कैदियों का एक समूह बनाकर शिक्षित करने की जिम्मेदारी तय करने को कहा है। इसी कारण जेल प्रशासन के द्वारा शिक्षित कैदियों से निरक्षर कैदियों को साक्षर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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  • Web Title:The captive will now be literate by holding the letter door