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4 दिसंबर, 2020|4:28|IST

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रेल टिकट बेचने का धंधा परवान पर

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लौह नगरी के नाम से प्रसिद्ध जमालपुर में अब शहर की बात तो दूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेल टिकट बेचने का अवैध धंधा बेखौफ संचालित किया जा रहा है। महापर्व पर घर लौटे परदेशियों को अब वापस लौटने की चिंता सतारही है।

जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित साइबर कैफे के संचालकों द्वारा ऐसे लोगों को यात्रा की कन्फर्म टिकट उपलब्ध कराने के नाम पर मोटी रकमों की वसूली की जा रही है। जबकि अधिकांश साइबर कैफे बिना आईआरसीटीसी से निबंधन के ही रेल टिकट बेचने का अवैध धंधा धड़ल्ले से चला रहे हैं। ताज्जुब की बात तो यह है कि क्षेत्र में कुकुरमुत्ते की तरह यह धंधा फलफूल रहा है। और जिम्मेदार रेल पुलिस इस अवैध कारोबार से पूरी तरह बेखबर बनी हुई है।

गौरतलब है कि जंक्शन पर संचालित टिकट काउंटर पर टिकट लेने में होनेवाली परेशानी से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन्हीं साइबर कैफे के संचालकों से संपर्क साधते हैं। इसका फायदा कैफे संचालक खूब उठा रहे हैं, और प्रति टिकट स्लीपर क्लास के लिए 5 सौ और एसी बॉगी के लिए 1 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि तक वसूल रहे हैं। र्तमान में फरीदपुर, धरहरा रोड, छोटी केशोपुर, जनता मोड़, सदर बाजार, वलीपुर, अवंतिका रोड के अलावे ग्रामीण क्षेत्रों के हलीमपुर, गौरीपुर आदि क्षेत्रों में यह अवैध धंधा परवान चढ़ा हुआ है।

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  • Web Title:The business of selling train tickets is on