चार माह से अटकी पोषण राशि, 3629 टीबी मरीज परेशान
मुंगेर जिले में 3629 टीबी मरीजों को पिछले चार माह से पोषण राशि नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। जल्द ही निश्चय पोषण योजना के तहत राशि मरीजों के खातों में डाली जाएगी। इस दौरान मरीजों को संतुलित आहार का सेवन करने की सलाह दी गई है।

मुंगेर, निज प्रतिनिधि। जिले में यक्ष्मा (टीबी) से पीड़ित मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाली राशि पिछले चार माह से नहीं मिल पाई है। आवंटन के अभाव में जिले के 3629 टीबी मरीज भुगतान के लिए जिला यक्ष्मा कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। सरकार द्वारा टीबी मरीजों को इलाज के दौरान छह माह तक प्रति माह एक हजार रुपये पोषण सहायता दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के 9868 लाभार्थियों के डीबीटी खाते में राशि अपलोड कर दी गई है, लेकिन तकनीकी कारणों से अबतक भुगतान नहीं हो सका है। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. ध्रुव कुमार ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया में बदलाव के कारण समस्या उत्पन्न हुई है।
पहले राशि का भुगतान पीएफएमएस पोर्टल से होता था, जिसे अब बदलकर एसएनए स्पर्श पोर्टल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर नया पोर्टल लागू करने का काम अंतिम चरण में है और जनवरी के अंत तक निश्चय पोषण योजना के तहत भुगतान शुरू होने की संभावना है। सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, राशि मिलते ही मरीजों के खातों में भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। भोजन में दाल, अंडा, दूध, दही, हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही निशुल्क दवाओं का नियमित सेवन भी जरूरी है। निक्षय मित्र बनाने को लेकर अभियान तेज: टीबी उन्मूलन के लिए विभाग द्वारा लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और समाज के सक्षम लोग निक्षय मित्र बनकर मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध करा सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में 3053 टीबी मरीज थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 3629 हो गई है। सरकार के टीबी मुक्त अभियान के तहत एक हजार की आबादी पर एक या उससे कम मरीज मिलने पर गांव को टीबी मुक्त माना जाता है। अब तक जिले की 14 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, हालांकि इसके लिए लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त रहना आवश्यक है। बोले अधिकारी जिले में यक्ष्मा से ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीजों को प्रत्येक माह एक हजार रुपये पोषण के लिए दिए जाते हैं। पिछले चार माह से राशि नहीं रहने के कारण भुगतान नहीं हुआ है। राशि मिलने के बाद जिले के सभी यक्ष्मा मरीजों के खाते में राशि डाली जाएगी। पैसा भुगतान के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। डा. ध्रुव कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, मुंगेर चार माह से नहीं मिली पोषण राशि, 3629 टीबी मरीज परेशान पोर्टल बदलाव बना बाधा, टीबी मरीजों की पोषण राशि अटकी निश्चय पोषण योजना ठप, मरीज लगा रहे यक्ष्मा कार्यालय के चक्कर टीबी मरीजों को झटका, चार महीने से नहीं मिला पोषण भत्ता

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