Munger News: नहीं सुधर रहे हालात, राजीव गांधी चौक से पीएनबी चौक तक सड़क पर अतिक्रमण
Munger News: मुंगेर में हिन्दुस्तान महाअभियान का आज पांचवां दिन है। प्रशासन की लापरवाही और अतिक्रमणकारियों का हौसला जस का तस है। राजीव गांधी चौक से लेकर पीएनबी चौक तक अवैध दुकानों की भरमार है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। नगर निगम और पुलिस प्रशासन की लापरवाही से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।

Munger News: मुंगेर, निज संवाददाता। ऐतिहासिक मुंगेर शहर को जाम के झाम और बदहाली से मुक्ति दिलाने के लिए चलाए जा रहे हिंदुस्तान महाअभियान का आज पांचवां दिन है। लेकिन अफसोस, प्रशासन की कुंभकर्णी नींद और अतिक्रमणकारियों के हौसले जस के तस बने हुए हैं। शहर का सबसे व्यस्त सड़कें राजीव गांधी चौक से लेकर आजाद चौक होते हुए पीएनबी चौक तक आज भी अतिक्रमण के ऐसे महाजाल में जकड़ा है कि, आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। हालात गवाही दे रहे हैं कि, पैदल चलने के लिए बने फुटपाथ तो बहुत पहले इतिहास बन चुके थे, अब मुख्य सड़कों पर भी अवैध दुकानों का खुला साम्राज्य है। शहर के दिल कहे जाने वाले राजीव गांधी चौक के समीप मुख्य सड़क पर तड़के ही नाश्ते के ठेले और दुकानें सज जाती हैं। कड़ाही चढ़ती है, धुंआ उड़ता है और देखते ही देखते आधी सड़क इन दुकानदारों के हवाले हो जाती है। इसके बाद सड़क पर बेतरतीब गाड़ियां खड़ी कर नाश्ता करने वालों की भारी भीड़ जुटती है, जिससे सुबह से ही शहर की यातायात पर ब्रेक लग जाता है。
आजाद चौक गोलंबर, सब्जी बाजार में तब्दील:
राजीव गांधी चौक से थोड़ा आगे बढ़ते ही आजाद चौक का नजारा देखकर किसी को भी व्यवस्था पर तरस आ सकता है। जिस ऐतिहासिक गोलंबर को शहर की खूबसूरती और सुचारू यातायात के लिए बनाया गया था, उसे पूरी तरह से सब्जी और फल मार्केट में तब्दील कर दिया गया है। गोलंबर के चारों तरफ टोकरियों और ठेलों का ऐसा घेरा रहता है कि चार पहिया वाहनों की बात तो दूर, दो पहिया वाहनों का गुजरना भी किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। फल और सब्जी खरीदने वाले लोग अपनी गाड़ियां बीच सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं, जिससे दिनभर यहां हॉर्न का शोर गूंजता रहता है।
पीएनबी चौक: दोपहर ढलते ही सज जाती फास्ट फूड की दुकानें:
आजाद चौक को पार कर जैसे ही आप पीएनबी चौक की तरफ बढ़ेंगे, अतिक्रमण का स्वरूप थोड़ा और आक्रामक हो जाता है। दोपहर ढलते ही यहां अवैध रूप से चाट, चौमिन, बर्गर और मोमोज के ठेले सड़क के बीचो-बीच आकर खड़े हो जाते हैं। शाम के वक्त यहां पैर रखने तक की जगह नहीं बचती। चटकारे लेने वालों की भीड़ और उनके बेतरतीब खड़े वाहन बची सड़क को भी पूरी तरह ब्लॉक कर देते हैं। अभियान के पांचवें दिन भी इस पूरे अराजक माहौल में सबसे हैरान और परेशान करने वाली भूमिका नगर निगम प्रशासन और स्थानीय थाना पुलिस की नजर आई। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन हजारों लोग जाम में पिसते हैं, एम्बुलेंस फंसती हैं, और स्कूली बच्चे परेशान होते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों पर मानो पट्टी बंधी हुई है।
स्थानीय दुकानदारों और प्रबुद्ध नागरिकों का प्रतिक्रिया:
स्थानीय दुकानदारों और प्रबुद्ध नागरिकों का दबी जुबान में कहना है कि, यह सब कुछ प्रशासन के मौन समर्थन के बिना संभव नहीं है। समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान का दिखावा तो किया जाता है, लेकिन पुलिस की गाड़ी पार होते ही स्थिति जस की तस हो जाती है। जबतक नगर निगम और पुलिस प्रशासन कोई स्थायी और ठोस नीति बनाकर सख्ती नहीं बरतेगा, तब तक मुंगेर वासियों को इस अतिक्रमण के महाजाल से मुक्ति मिलना नामुमकिन है।
बोले जिम्मेदार:
राजीव गांधी चौक से पीएनबी चौक तक कई बार अतिक्रमण हटाया गया और थाने को सूचना दी गई। इसके बावजूद पुनः अतिक्रमण होना संबंधित थाने की लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उसी की है।
नसीमुद्दीन खान, उपनगर आयुक्त, नगर निगम मुंगेर।
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